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Gaganyaan Mission: आखिर गगनयान की पहली उड़ान में मक्खियों को क्यों भेज रहा है इसरो?

Thu, 05 Sep 2024 05:40 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Thu, 05 Sep 2024 05:40 PM IST
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Gaganyaan Mission: fruit flies from dharwad to be onboard gaganyaan mission study kidney stone isro news
आखिर गगनयान की पहली उड़ान में मक्खियों को क्यों भेज रहा है इसरो? - फोटो : अमर उजाला

Gaganyaan Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सबसे बड़े स्पेस मिशन गगनयान की तैयारियों में जुटा है। देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए वैज्ञानिकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। अब संभावना है कि गगनयान की पहली उड़ान में जीव को भेजा जाएगा। इसरो अंतरिक्ष यान में मक्खियों को भी भेजेगा। यह एक मानवरहित मिशन होगा, लेकिन इसमें 20 कंटेनर्स में मक्खियों को भरकर भेजा जाएगा। इसका मकसद अंतरिक्ष में जाने वाले यात्रियों को होने वाले किडनी स्टोन का अध्ययन किया जा सके। 



दरअसल, मक्खियों में 77 प्रतिशत ऐसे जीन्स पाए जाते हैं, जो इंसानों की बीमारियों का कारण बनते हैं। मक्खियों का एक्सक्रीटरी सिस्टम (उत्सर्जन तंत्र) बहुत हद तक इंसानों की तरह होता है। अगर इन मक्खियों को अंतरिक्ष में रहने पर स्टोन की परेशानी होती है, तो इससे अंतरिक्ष यात्रियों को होने वाले किडनी स्टोन का अध्ययन करने में मदद मिलेगी। 
 

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गगनयान मिशन के तहत स्पेस में जाने वाले अंतरिक्ष यात्री - फोटो : isro

इसरो और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एंड टेक्नोलॉजी और धारवाड़ की यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के वैज्ञानिक साथ मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन मक्खियों को 20 कंटेनर्स में भरकर गगनयान के पहले कैप्सूल लॉन्च में भेजेगा। इस साल के आखिरी में लॉन्चिंग की संभावना है। 

 

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आखिर गगनयान की पहली उड़ान में मक्खियों को क्यों भेज रहा है इसरो? - फोटो : isro

क्यों किडनी स्टोन का अध्ययन करना चाहते हैं वैज्ञानिक?

अतंरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों में किडनी स्टोन की समस्या होती है। इसकी वजह यह है कि वह कम पानी वाला खाना खाते हैं, ताकि उन्हें कम पेशाब करने जाना पड़े। इसके कारण यूरिन में एसिडिटी बढ़ती है और हड्डियां कमजोर होती है। इसके अलावा खून में कैल्सियम की मात्रा बढ़ती है। इससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। 

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आखिर गगनयान की पहली उड़ान में मक्खियों को क्यों भेज रहा है इसरो? - फोटो : ANI

जानिए कब लाॅन्च होगा गगनयान का पहला मिशन

गगनयान का पहला मिशन G-1 इस साल दिसंबर में लॉन्च किया जा सकता है। इसके छह महीने बाद G-2 अगले साल या दोनों मिशन अगले साल यानी 2025 के शुरुआती छह महीनों में लॉन्च किए जा सकते हैं। गगनयान मिशन का पांच चरण का होगा। 
 

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आखिर गगनयान की पहली उड़ान में मक्खियों को क्यों भेज रहा है इसरो? - फोटो : अमर उजाला

पहला G-1 मानवरहित, अनप्रेशराइज्ड होगा। G-2 मानवरहित, प्रेशराइज्ड और ह्यूमेनॉयड रोबोट के साथ होगा। इसके अलावा G-3 मानवरहित वैक्लपिक टेस्ट उड़ान है। यह सभी उड़ानें 2025 तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद H-1 मानवयुक्त उड़ान होगी, जिसमें भारतीय अंतरिक्षयात्री स्पेस में जाएंगे। यह मिशन 2025 या 2026 तक पूरा हो जाएगा

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