Gaganyaan Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सबसे बड़े स्पेस मिशन गगनयान की तैयारियों में जुटा है। देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए वैज्ञानिकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। अब संभावना है कि गगनयान की पहली उड़ान में जीव को भेजा जाएगा। इसरो अंतरिक्ष यान में मक्खियों को भी भेजेगा। यह एक मानवरहित मिशन होगा, लेकिन इसमें 20 कंटेनर्स में मक्खियों को भरकर भेजा जाएगा। इसका मकसद अंतरिक्ष में जाने वाले यात्रियों को होने वाले किडनी स्टोन का अध्ययन किया जा सके।
Gaganyaan Mission: आखिर गगनयान की पहली उड़ान में मक्खियों को क्यों भेज रहा है इसरो?
इसरो और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एंड टेक्नोलॉजी और धारवाड़ की यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के वैज्ञानिक साथ मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन मक्खियों को 20 कंटेनर्स में भरकर गगनयान के पहले कैप्सूल लॉन्च में भेजेगा। इस साल के आखिरी में लॉन्चिंग की संभावना है।
क्यों किडनी स्टोन का अध्ययन करना चाहते हैं वैज्ञानिक?
अतंरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों में किडनी स्टोन की समस्या होती है। इसकी वजह यह है कि वह कम पानी वाला खाना खाते हैं, ताकि उन्हें कम पेशाब करने जाना पड़े। इसके कारण यूरिन में एसिडिटी बढ़ती है और हड्डियां कमजोर होती है। इसके अलावा खून में कैल्सियम की मात्रा बढ़ती है। इससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।
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जानिए कब लाॅन्च होगा गगनयान का पहला मिशन
गगनयान का पहला मिशन G-1 इस साल दिसंबर में लॉन्च किया जा सकता है। इसके छह महीने बाद G-2 अगले साल या दोनों मिशन अगले साल यानी 2025 के शुरुआती छह महीनों में लॉन्च किए जा सकते हैं। गगनयान मिशन का पांच चरण का होगा।
पहला G-1 मानवरहित, अनप्रेशराइज्ड होगा। G-2 मानवरहित, प्रेशराइज्ड और ह्यूमेनॉयड रोबोट के साथ होगा। इसके अलावा G-3 मानवरहित वैक्लपिक टेस्ट उड़ान है। यह सभी उड़ानें 2025 तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद H-1 मानवयुक्त उड़ान होगी, जिसमें भारतीय अंतरिक्षयात्री स्पेस में जाएंगे। यह मिशन 2025 या 2026 तक पूरा हो जाएगा