Bahraich Wolf Attack: उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़ियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह विलुप्तप्राय भेड़िये दिन के उजाले में भी बस्तियों में पहुंचने लगे हैं। इस खतरनाक जानवर की वजह से लोग खौफ में जीने को मजबूर हैं। लोग रात-रातभर जागकर अपने परिवार की सुरक्षा कर रहे हैं। अभी तक भेड़ियों ने बच्चों समेत 10 लोगों की जान ले ली है, तो वहीं करीब 45 लोगों को हमला कर घायल कर दिया है। इसके अलावा भेड़ियों ने सीतापुर, पीलीभीत और हस्तिनापुर में भी आतंक मचा रखा है। वन विभाग ने बड़ी मशक्कत के बाद बहराइच से चार भेड़ियों को पकड़ा है।
Bahraich Wolf Attack: अपने शावकों की मौत का बदला ले रहे भेड़िये? विशेषज्ञ ने बताई 25 साल पुरानी खौफनाक कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन विभाग ने लोगों को सुरक्षित रहने का निर्देश जारी किया है। वन विभाग ने बताया है कि इलाके में छह भेड़ियों का एक झुंड है, जो लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है। हालांकि, वन विभाग ने चार भेड़ियों को पकड़ लिया है और अभी दो की तलाश जारी है। जिले के 35 गावों में भेड़ियों का खौफ है। भेड़िया कुत्तों की प्रजाति का एक बेहद क्रूर और खूंखार जानवर होता है। यह एक मांसाहारी जानवर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी और बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में वन अधिकारी रहे ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि भेड़ियों में बदला लेने की प्रवृत्ति बहुत अधिक होती है। उन्होंने यह बात अपने अनुभव के आधार पर कही है। उनका कहना है कि इंसानों ने किसी न किसी तरह से भेड़ियों को नुकसान पहुंचाया होगा या उनके घरों को तबाह किया होगा। इसके अलावा उनको बच्चों को मारा होगा, जिसका वो बदला ले रहे हैं।
वर्तमान में ज्ञान प्रकाश सिंह वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सलाहकार हैं। उन्होंने 25 साल पहले जौनपुर और प्रतापगढ़ की एक घटना के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि उस दौरान सई नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में भेड़ियों ने 50 से ज्यादा बच्चों को मारा था। उस समय जांच में खुलासा हुआ कि कुछ बच्चों ने भेड़ियों के दो बच्चों को मार दिया था। इसके बाद शावकों के माता-पिता भेड़ियों ने इंसानों के बच्चों को मारना शुरू कर दिया था।
Wolf Jackal and Fox Difference: भेड़िया, सियार और लोमड़ी में क्या है अंतर, कौन होता है सबसे ज्यादा खतरनाक
वन विभाग ने उस समय आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम चलाई थी। कुछ भेड़ियों को पकड़ लिया गया, लेकिन दोनों गुस्साए आदमखोर भेड़िये भाग गए। इसके बाद बड़े पैमाने पर खोजबीन की शुरुआत की गई। इसके बाद उनकी पहचान की गई और गोली मार दिया गया। अब इसी तरह का पैटर्न बहराइच में भी देखने को मिला है। दरअसल, जनवरी-फरवरी में ट्रैक्टर के पहियों के नीचे भेड़ियों के दो बच्चों की कुचलकर मौत हो गई।
Baba Vanga Predictions: साल 2025 में प्रलयकारी घटना से मचेगी तबाही, बाबा वेंगा की डरावनी भविष्यवाणियां
Old Solar Eclipse: ऋग्वेद में लिखा है कब लगा था सबसे पुराना सूर्य ग्रहण, तारीख देखकर वैज्ञानिक हैरान