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MysteriousTemple: माता चंडी के इस मंदिर में आराधना करने आते हैं भालू, आरती के बाद खाते हैं प्रसाद

Sun, 02 Oct 2022 01:59 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Sun, 02 Oct 2022 01:59 PM IST
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Bear Visit Chandi Devi Temple in Chhattisgarh During Goddess Aarti Puja
माता चंडी के इस मंदिर में आराधना करने आते हैं भालू - फोटो : iStock

MysteriousTemple: भारत में नवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है। इस दौरान मंदिरों में माता की पूजा और दर्शन के लिए भक्तों की भारी भड़ी पहुंचती है। देश में शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा के कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं। आज हम आपको एक ऐसे प्राचीन मंदिर के बारे में बताएंगे जहां मां दुर्गा की आराधना करने भालू आते हैं। आपको इस बात पर यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह बिल्कुल सच है। 



छत्तीसगढ़ में देवी का यह मंदिर (Chhattisgarh Chandi Devi temple) स्थित है। यहां पर माता के दर्शन के लिए हर दिन भालू (Bear temple in Chhattisgarh)  आते हैं। भालू का पूरा परिवार मंदिर में आराधना के लिए आता है और आरती के बाद प्रसाद लेने के बाद ही जाता है। इन मंदिर की पूरे देश में चर्चा होती है। आइए जानते हैं कि माता दुर्गा के इस प्राचीन मंदिर के बारे में...

Bear Visit Chandi Devi Temple in Chhattisgarh During Goddess Aarti Puja
माता चंडी के इस मंदिर में आराधना करने आते हैं भालू - फोटो : Twitter @piedpiperlko

यह प्राचीन मंदिर माता चंडी का है जो छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के घूंचापाली गांव (Ghunchapali, Mahasamund) में स्थित है। इस मंदिर में भक्तों की काफी आस्था है। बताया जाता है कि पहाड़ी पर स्थित माता चंडी का यह मंदिर 150 साल पुराना है। यहां पर हमेशा श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।

Bear Visit Chandi Devi Temple in Chhattisgarh During Goddess Aarti Puja
माता चंडी के इस मंदिर में आराधना करने आते हैं भालू - फोटो : Twitter @piedpiperlko

माता चंडी के बेहद खास भक्तों में भालू भी (Bears visit devi temple) शामिल हैं। इस मंदिर माता चंडी के दर्शन के लिए भालू आते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि भालू किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। मंदिर में भालू आते हैं और दर्शन करने के बाद प्रसाद लेकर चले जाते हैं। 

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Bear Visit Chandi Devi Temple in Chhattisgarh During Goddess Aarti Puja
माता चंडी के इस मंदिर में आराधना करने आते हैं भालू - फोटो : iStock

आरती के समय आते हैं भालू

बताया जाता है कि आरती के समय भालू मंदिर में पहुंचते हैं और मूर्ति की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद वह प्रसाद लेते हैं। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि कभी-कभी पुजारी अपने हाथों से उन्हें प्रसाद खिलाते हैं। मंदिर में जाने वाले लोगों का  कहना है कि मंदिर में आने भालू पालतू लगते हैं। वह बिल्कुल सीधे दिखते हैं और प्रसाद लेकर जंगल में चले जाते हैं। 
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Bear Visit Chandi Devi Temple in Chhattisgarh During Goddess Aarti Puja
माता चंडी के इस मंदिर में आराधना करने आते हैं भालू - फोटो : iStock
तंत्र साधना करते थे साधू

ग्रामीण मानते हैं कि जामवंत के परिवार के हैं भालू और वो देवी के भक्त हैं। उनका कहना है कि भालूओं ने किसी आज तक कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। यह प्राचीन मंदिर कभी तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध था। यहां पर साधु-महात्मा  तंत्र साधना किया करते थे। लेकिन 1950-1951 के दौरान इस मंदिर को आम जनता के लिए खोल दिया गया। लोगों का दावा है कि माता चंडी की मूर्ति अपने आप बढ़ी जा रही है। 
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