आपने अब तक कई अत्याधुनिक और कीमती घड़ियों के बारे में सुना होगा। हीरे की घड़ी हो या तकनीक में उत्कृष्ट घड़ी, अक्सर इस तरह की खबरें सामने आती रहती हैं। पर आज हम जिस घड़ी के बारे में बात करने जा रहे हैं वो आपको हैरत में डाल देगी।
Biggest Watch: 10 हजार साल का समय बताएगी ये 500 फीट की ये घड़ी, कीमत जानकर हैरान रह जाएंगे आप
साढ़े तीन अरब रुपये का खर्च
दुनिया की सबसे बड़ी घड़ियों में से एक इस घड़ी को बनाने में 42 मिलियन डॉलर का खर्च आया है, यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से करीब साढ़े तीन अरब रुपये। अमेरिका के वेस्ट टेक्सास में एक पहाड़ी के अंदर ये बनाई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये घड़ी साल में सिर्फ एक बार टिक करेगी पर इससे अगले दस साल के समय का पता लगाया जा सकेगा। घड़ी का अंतिम डिजाइन पूरा हो गया है।
जेफ बेजोस हैं इसके मालिक
Installation has begun—500 ft tall, all mechanical, powered by day/night thermal cycles, synchronized at solar noon, a symbol for long-term thinking—the #10000YearClock is coming together thx to the genius of Danny Hillis, Zander Rose & the whole Clock team! Enjoy the video. pic.twitter.com/FYIyaUIbdJ
जेफ बेजोस ने साल 2018 में ही इस घड़ी के बारे में जानकारियां शेयर करते हुए कहा था, इंस्टालेशन शुरू हो गया है - 500 फीट लंबा, पूरी तरह से यांत्रिक, दिन/रात थर्मल चक्र द्वारा संचालित और दीर्घकालिक सोच का प्रतीक #10000YearClock तैयार हो रही है। टीम इसपर काफी मेहनत कर रही है और हम कुछ बड़ा हासिल करने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
डैनी हिलिस का ये सपना पूरा हो रहा है।
डैनी हिलिस ने देखा था ऐसी घड़ी का सपना
अब सवाल आता है कि डैनी हिलिस कौन हैं?
द सन की रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह की घड़ी का आइडिया सबसे पहले 1995 में कंप्यूटर वैज्ञानिक और आविष्कारक डैनी हिलिस ने प्रस्तावित किया गया था। उन्होंने एक ऐसी घड़ी की कल्पना की थी, जिसकी शताब्दी (Century) का कांटा हर 100 साल में एक बार आगे बढ़ता हो। जिस घड़ी से अगले 10,000 सालों तक का समय पता चल जाए।
दीर्घकालिक सोच का सबसे बड़ा प्रमाण
जेफ इसी सपने को पूरा करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। ये घड़ी बिजली से नहीं बल्कि पृथ्वी की थर्मल साइकिल द्वारा संचालित होगी। इसमें एक झंकार जनरेटर भी है, जो 3.5 मिलियन से अधिक यूनिक बेल चाइम सीक्वेंस बनाएगा। यह दीर्घकालिक सोच का सबसे बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।