सिमरिया महाकुंभ के तीसरे और अंतिम पर्व (शाही) स्नान ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। मोटे अनुमान के तौर पर देर शाम तक 30 लाख से अधिक लोगों ने कुंभ स्नान किया। तीसरे पर्व (शाही) स्नान में विशेष रूप से केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे शामिल रहे।
सिमरिया महाकुंभ के तीसरे शाही स्नान की तस्वीरें, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
सिमरिया महाकुंभ के तीसरे शाही स्नान की तस्वीरें, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
19 अक्टूबर दीपावली के दिन पहला पर्व (शाही) स्नान हुआ। इसमें लगभग 5 लाख की संख्या में लोग जुटे। इस बीच छठ पर्व में सिमरिया घाट पर लोगों का तांता लगा रहा।
29 अक्टूबर को अक्षय नवमी के दिन हुए दूसरे पर्व (शाही) स्नान में मोटे अनुमान के तौर पर 20 लाख के आसपास लोगो ने गंगा में डुबकी लगाई। 4 अक्टूबर को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर पिछले सभी रिकार्ड को तोड़ते हुए 20 लाख से अधिक लोगों ने सिमरिया के पावन तट पर स्नान किया।
सिमरिया महाकुंभ के तीसरे शाही स्नान की तस्वीरें, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
इस तीसरे पर्व स्नान को मिला दें तो अभी तक सवा करोड़ से अधिक लोगों के सिमरिया महाकुंभ में स्नान करने का अनुमान है। 16 नवंबर को ध्वजोत्थान के साथ ही इस संख्या के और बढ़ने का अनुमान है।
तीसरे पर्व (शाही) स्नान में भी द्वादश कुंभ पुनर्जागरण प्रेरणा पुरुष करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज की अगुआई में कुंभ शोभा यात्रा निकली। तीसरे पर्व (शाही) स्नान में विशेष रूप में दिल्ली से पधारे केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे साथ रहे।
नागा संन्यासियों का स्नान भी सबसे पहले हुआ। इनके साथ ही नागा साध्वियों का जत्था भी साथ था। नागा संन्यासियों के पीछ दंडी स्वामियों का दल था। इनके साथ ही अलग-अलग रथों पर भारत माता का चित्र, पंच देवताओं का चित्र शोभायमान था।
अखाड़ों से जुटे संन्यासियों और साधु संतों के बाद सर्वमंगला परिवार के देश भर से जुटे 56 पीठाधीश्वरों के साथ कुंभ पुनर्जागरण के प्रेरणा पुरुष करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज चल रहे थे। सर्वमंगला परिवार के प्रधान व्यवस्थापक स्वामी चिदानंद जी महाराज।
पीठाधीश्वरों में प्रयाग पीठाधीश्वर स्वामी माधवानंद जी महाराज, हरिद्वार पीठाधीश्वर स्वामी गंगानंद जी महाराज, पुनौराधाम के स्वामी उमेशानंद जी महाराज, स्वामी नारायणा नंद जी महाराज, स्वामी प्रेम तीर्थ जी महाराज, स्वामी सत्यानंद जी महाराज,स्वामी विभूत्यानंद जी महाराज, स्वामी सुनीलानंद जी महाराज, स्वामी उदयनानंद जी महाराज सहित देश भर से जुटे 56 पीठाधीश्वर शामिल थे।
आठ महिला नागा संन्यासिनी तीसरे पर्व (शाही) स्नान की शोभा यात्रा में साथ रहीं। इनमें कृष्णागिरी जी, किरणगिरी जी, गिरिजागिरी, माहीगिरी, जमातिया मंहत भगवानागिरी जी, जमातिया मंहत सौहाद्रीगिरी जी, जमातिया मंहत उमागिरी जी। जमातिया मंहत त्रिजटागिरी जी शामिल हैं।
वहीं नागा संन्यासियों में श्री दिगंबर तोतापुरी जी महाराज, महंत विपिनपुरी जी महाराज, शंकरपुरी जी महाराज, राजुपुरी जी महाराज, विक्रमानंद सरस्वती जी महाराज शामिल थे।