बिहार बोर्ड के मैट्रिक रिजल्ट में नालंद के मगध उच्च विद्यालय ओकनावा के छात्र ने जिला टॉप किया है। मूलतः बिहार शरीफ प्रखंड के शेखोपुर गांव के रहने वाले शिवकुमार दानी के बेटे सतीश कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में 479 नंबर लाकर जिला टॉप किया है। बिहार बोर्ड के द्वारा जारी की गई 51 टॉपर की सूची में सतीश कुमार 10वीं रैंक पर हैं।
दो भाइयों में सबसे छोटे हैं सतीश
सतीश कुमार दो भाइयों में सबसे छोटे हैं। बड़े भाई सूरज कुमार देहरादून से बीएसए कर रहे हैं। वहीं, पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। सतीश अपनी सफलता के पीछे माता-पिता, बड़े भाई और ट्यूशन के शिक्षक सुबोध कुमार तथा स्कूल के शिक्षक को श्रेय देते हैं।
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सतीश कुमार को मिठाई खिलाते माता-पिता
- फोटो : Bihar Matric Result: Satish Kumar topped the district in Nalanda, Kajal Kumari secured second positi
इंजीनियर बनने की है चाह
सतीश कुमार आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहते हैं। सतीश ने बताया कि उन्होंने सात से आठ घंटे तक पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। वहीं, सतीश की सफलता के बाद पूरा परिवार और गांव वाले खुश हैं। बधाई देने वालों का सतीश के घर पर तांता लग रहा है। सतीश ने बताया कि उनका सोशल मीडिया पर अकाउंट नहीं है, कभी-कभार पढ़ाई के सिलसिले में वह व्हाट्सएप जरूर यूज करते हैं, लेकिन वह सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें इंटरव्यू के लिए पटना बुलाया गया था। सभी सब्जेक्ट के लिए अलग-अलग शिक्षक थे। प्रश्न आसान थे, जिनका उन्होंने सही-सही जवाब दिया था।
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काजल कुमारी को मिठाई खिलाते परिवारजन
- फोटो : Bihar Matric Result: Satish Kumar topped the district in Nalanda, Kajal Kumari secured second positi
काजल बनीं दूसरी जिला टॉपर
वहीं, नालंदा के हिलसा की बेटी ने मैट्रिक परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। मूलतः हिलसा प्रखंड के बलभद्रसराय निवासी राहुल कुमार की बेटी काजल कुमारी ने 10वीं की परीक्षा में 479 अंक प्राप्त किए हैं। बिहार बोर्ड द्वारा जारी की गई 51 सफल छात्रों की सूची में काजल कुमारी 10वीं रैंक पर हैं।
डॉक्टर बनने की है इच्छा
काजल कुमारी आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हैं। दो बहनों और एक भाई में वह सबसे बड़ी हैं। पिता ट्रेन पर कोच अटेंडेंट का काम करते हैं, जबकि मां गृहणी हैं। काजल कुमारी हिलसा शहर स्थित रामबाबू हाई स्कूल की छात्रा हैं। काजल अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देती हैं। काजल ने बताया कि सेल्फ स्टडी और स्कूल, ट्यूशन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। काजल की इस सफलता पर परिवार वालों में खुशी झलक रही है।