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Bihar: खंडहर बना गांधी जी के सपनों का बुनियादी स्कूल; कई एकड़ जमीन... पर बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर

Sun, 22 Sep 2024 05:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 22 Sep 2024 05:52 PM IST
सार

Bihar: खंडहर बना गांधी जी के सपनों का बुनियादी स्कूल; कई एकड़ जमीन... पर बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर
Bihar: Gandhiji's dream Buniyadi school turned into ruins; Children in Muzaffarpur forced to study under trees
 

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Bihar: Gandhiji's dream Buniyadi school turned into ruins; Children in Muzaffarpur forced to study under trees
पूरी तरह जर्जर हुआ राजकीय बुनियादी विद्यालय - फोटो : अमर उजाला

आजादी के बाद भी कई दशक बीत जाने के बावजूद बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड के बसुआ गांव में स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय बदहाल स्थिति में है। इस ऐतिहासिक स्कूल की स्थापना वर्ष 1937 में महात्मा गांधी के आदर्शों पर की गई थी, लेकिन आज यह स्कूल खंडहर में तब्दील हो चुका है। स्कूल के पास अपनी जमीन होने और लाखों रुपये की आमदनी के बावजूद बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।


 

Bihar: Gandhiji's dream Buniyadi school turned into ruins; Children in Muzaffarpur forced to study under trees
राजकीय बुनियादी विद्यालय के विद्यार्थी पेड़ के नीचे पढ़ने को हुए मजबूर - फोटो : अमर उजाला

भवन जर्जर, पेड़ के नीचे पढ़ रहे बच्चे
राजकीय बुनियादी विद्यालय बसुआ की स्थिति दयनीय है। जहां स्कूल की अपनी 3.5 एकड़ जमीन है, वहां के बच्चे पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। इस स्कूल की इमारत इतनी पुरानी और जर्जर हो चुकी है कि एकमात्र बचा हुआ कमरा भी इस्तेमाल के लायक नहीं है। ग्रामीणों और शिक्षकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें कक्षाओं में नहीं बैठाया जाता, और पेड़ के नीचे ही पढ़ाई कराई जाती है।
 

Bihar: Gandhiji's dream Buniyadi school turned into ruins; Children in Muzaffarpur forced to study under trees
पूरी तरह जर्जर हुआ राजकीय बुनियादी विद्यालय - फोटो : अमर उजाला

महात्मा गांधी के सपनों के स्कूल का यह हाल
इस स्कूल की स्थापना बुनियादी शिक्षा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। यहां शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण भी दिया जाता था। स्कूल के साथ एक छात्रावास भी था, जो आज जर्जर स्थिति में है और जंगलों में तब्दील हो चुका है। गांधी जी के आदर्शों पर आधारित इस स्कूल का यह हाल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
 

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Bihar: Gandhiji's dream Buniyadi school turned into ruins; Children in Muzaffarpur forced to study under trees
पूरी तरह जर्जर हुआ राजकीय बुनियादी विद्यालय - फोटो : अमर उजाला

ग्रामीणों की नाराजगी और सरकार की उदासीनता 
स्थानीय ग्रामीण दिनकर कुमार शाही और अन्य लोगों का कहना है कि इस स्कूल की हालत सुधारने के लिए उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को पत्र लिखे, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्कूल गांव के बच्चों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकता था, लेकिन आज इसकी हालत देखकर निराशा होती है।
 

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Bihar: Gandhiji's dream Buniyadi school turned into ruins; Children in Muzaffarpur forced to study under trees
पूरी तरह जर्जर हुआ राजकीय बुनियादी विद्यालय - फोटो : अमर उजाला

सरकारी रिकॉर्ड में जमा धन, लेकिन स्कूल बदहाल 
इस स्कूल के पास कुल 10 एकड़ जमीन है, जिस पर खेती की जाती है और इससे मिलने वाली आमदनी स्कूल के खाते में जमा होती है। वर्तमान में स्कूल के बैंक खाते में लगभग 18 लाख रुपये जमा हैं। लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल स्कूल की मरम्मत या निर्माण कार्य के लिए नहीं हो रहा है। यह स्थिति न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि सरकार की उदासीनता को भी उजागर करती है।
 

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