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EV: ईवी चार्जिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यूपी एक कदम आगे, यह काम करने वाला बना देश का पहला राज्य
Mon, 30 Jun 2025 07:46 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 30 Jun 2025 07:46 PM IST
सार
यूपी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में लगने वाले 'अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर' पर भी सब्सिडी मिलेगी।
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EV charging station
- फोटो : Freepik
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की चार्जिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में लगने वाले 'अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर' (यानी मीटर तक आने वाली बिजली की व्यवस्था आदि) पर भी सब्सिडी मिलेगी। यह सुविधा देने वाला उत्तर प्रदेश भारत का पहला राज्य बन गया है।
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
ईवी नीति में बड़ा बदलाव
यह फैसला राज्य की हाई-लेवल एम्पावर्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल कमेटी (HLEEVC) की बैठक में लिया गया। जिसकी अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने की। बैठक में तय किया गया कि ईवी नीति के तहत मिलने वाली पूंजीगत सब्सिडी अब सिर्फ चार्जिंग स्टेशन की बिल्डिंग या मशीनों तक ही सीमित नहीं होगी। बल्कि अब 'अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर' की लागत भी इसमें शामिल होगी।
यह भी पढ़ें - EV: टैक्स बिल को लेकर एलन मस्क का ट्रंप पर गुस्सा, ईवी टैक्स क्रेडिट खत्म करने के प्रस्ताव पर भड़के मस्क
यह फैसला राज्य की हाई-लेवल एम्पावर्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल कमेटी (HLEEVC) की बैठक में लिया गया। जिसकी अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने की। बैठक में तय किया गया कि ईवी नीति के तहत मिलने वाली पूंजीगत सब्सिडी अब सिर्फ चार्जिंग स्टेशन की बिल्डिंग या मशीनों तक ही सीमित नहीं होगी। बल्कि अब 'अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर' की लागत भी इसमें शामिल होगी।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
निवेशकों को मिलेगा बड़ा फायदा
पहले की नीति के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन पर सब्सिडी पाने के लिए कम-से-कम 25 लाख रुपये का निवेश जरूरी था। लेकिन इस निवेश में 'अपस्ट्रीम' लागत शामिल नहीं मानी जाती थी। इस वजह से कई छोटे ऑपरेटर यह लक्ष्य नहीं पूरा कर पाते थे। अब इस बदलाव के साथ वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
यह भी पढ़ें - Rare Earths: चीनी मंजूरी का इंतजार कर रहा भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का प्रतिनिधिमंडल, चीन यात्रा के लिए अब तक नहीं हो सका रवाना
पहले की नीति के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन पर सब्सिडी पाने के लिए कम-से-कम 25 लाख रुपये का निवेश जरूरी था। लेकिन इस निवेश में 'अपस्ट्रीम' लागत शामिल नहीं मानी जाती थी। इस वजह से कई छोटे ऑपरेटर यह लक्ष्य नहीं पूरा कर पाते थे। अब इस बदलाव के साथ वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
क्या मिलेगा इस नई नीति में?
नई नीति के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को 20 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति यूनिट होगी। इस सब्सिडी में शामिल हैं:
इसमें जमीन की लागत शामिल नहीं है।
नई नीति के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को 20 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति यूनिट होगी। इस सब्सिडी में शामिल हैं:
- चार्जिंग स्टेशन की बिल्डिंग और सिविल वर्क्स
- चार्जिंग इक्विपमेंट
- अपस्ट्रीम और बिहाइंड-द-मीटर इंफ्रास्ट्रक्चर
- बैटरी से जुड़ा सामान
- यूटिलिटीज, टूल्स आदि
इसमें जमीन की लागत शामिल नहीं है।
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Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
यूपी को ईवी हब बनाने की तैयारी
इस फैसले का मकसद सिर्फ निवेश बढ़ाना नहीं है। बल्कि उत्तर प्रदेश को ईवी निर्माण और मोबिलिटी का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है। सरकार की योजना है कि चार्जिंग नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ाया जाए और ज्यादा लोगों को ईवी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
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इस फैसले का मकसद सिर्फ निवेश बढ़ाना नहीं है। बल्कि उत्तर प्रदेश को ईवी निर्माण और मोबिलिटी का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है। सरकार की योजना है कि चार्जिंग नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ाया जाए और ज्यादा लोगों को ईवी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
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