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Semiconductor: नई चिप नीति का एलान, तमिलनाडु में मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी
Mon, 08 Jan 2024 07:31 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 08 Jan 2024 07:31 PM IST
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सेमीकंडक्टर चिप
- फोटो : iStock
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केंद्र सरकार की 10 अरब डॉलर की चिप सब्सिडी योजना के तहत चुने गए चिप-निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए, तमिलनाडु सरकार ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों के लिए केंद्र द्वारा प्रदान की गई पूंजीगत सहायता का 50 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी देने की पेशकश की।
सेमीकंडक्टर चिप
- फोटो : सोशल मीडिया
रविवार को 2024 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में जारी अपनी सेमीकंडक्टर और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी 2024 में तमिलनाडु सरकार ने कहा कि जिन कंपनियों को सेमीकंडक्टर योजनाओं के तहत केंद्र से वित्तीय सहायता के लिए मंजूरी मिली है, वे सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए प्रोत्साहन के संरचित पैकेज का लाभ उठा सकेंगी।
केंद्र द्वारा चयनित सेमीकंडक्टर परियोजना यदि तमिलनाडु में अपनी मैन्युफेक्चरिंग (विनिर्माण) इकाई स्थापित करती है। तो वह कर्मियों को प्रशिक्षित करने, स्टांप शुल्क, भूमि और बिजली रियायतों के लिए ज्यादा इंसेंटिव के लिए भी पात्र होगी।
केंद्र द्वारा चयनित सेमीकंडक्टर परियोजना यदि तमिलनाडु में अपनी मैन्युफेक्चरिंग (विनिर्माण) इकाई स्थापित करती है। तो वह कर्मियों को प्रशिक्षित करने, स्टांप शुल्क, भूमि और बिजली रियायतों के लिए ज्यादा इंसेंटिव के लिए भी पात्र होगी।
सेमीकंडक्टर चिप
- फोटो : iStock
राज्य सरकार पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्रेशन (भौगोलिक संकेत पंजीकरण) से संबंधित इन-हाउस आर एंड डी के लिए परियोजना के लिए किए गए व्यय का 50 प्रतिशत, निवेश अवधि के लिए अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। परियोजना के वित्तपोषण के लिए लिए गए वास्तविक सावधि ऋणों के लिए ब्याज दर में छूट के रूप में 5 प्रतिशत की ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी।
नीति में कहा गया है, "व्यवसायीकरण से पहले प्रोटोटाइपिंग एक अहम चरण है। जहां परियोजना कंपनी डिजाइन की टेस्टिंग कर सकती है और किसी भी त्रुटि की पहचान कर सकती है। राज्य के भीतर प्रोटोटाइपिंग को प्रोत्साहित करने के लिए, पात्र यूनिट्स को प्रॉडक्ट टेस्टिंग और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं स्थापित करने के लिए कैपेक्स का 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जो 1 करोड़ रुपये की सीमा के अधीन है।"
नीति में कहा गया है, "व्यवसायीकरण से पहले प्रोटोटाइपिंग एक अहम चरण है। जहां परियोजना कंपनी डिजाइन की टेस्टिंग कर सकती है और किसी भी त्रुटि की पहचान कर सकती है। राज्य के भीतर प्रोटोटाइपिंग को प्रोत्साहित करने के लिए, पात्र यूनिट्स को प्रॉडक्ट टेस्टिंग और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं स्थापित करने के लिए कैपेक्स का 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जो 1 करोड़ रुपये की सीमा के अधीन है।"
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सेमीकंडक्टर चिप
- फोटो : Pixabay
तमिलनाडु औद्योगिक नीति 2021 के तहत सेमीकंडक्टर निर्माण को सनराइज सेक्टर के रूप में माना जाएगा। केंद्र से सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए मंजूरी की प्रत्याशा में, सेमीकंडक्टर निर्माण में परियोजना प्रस्तावों वाली कंपनियां तमिलनाडु सरकार के उद्योग, निवेश संवर्धन और वाणिज्य विभाग को प्रोत्साहन की मंजूरी के लिए आवेदन कर सकती हैं। हालांकि, प्रोत्साहन का वितरण केंद्र से वित्तीय सहायता के अनुमोदन और उसके बाद की प्राप्ति पर निर्भर करेगा।
इसके अलावा, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के लिए प्रोत्साहन का संरचित पैकेज 1 जनवरी, 2024 से राज्य में किए गए निवेश के साथ नए और विस्तार परियोजनाओं पर लागू होगा। नीति के अनुसार, कंपनियों को 200 करोड़ रुपये का न्यूनतम निवेश और शुरुआती 200 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 150 रोजगारों का न्यूनतम रोजगार सीमा को पूरा करना चाहिए।
इसके अलावा, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के लिए प्रोत्साहन का संरचित पैकेज 1 जनवरी, 2024 से राज्य में किए गए निवेश के साथ नए और विस्तार परियोजनाओं पर लागू होगा। नीति के अनुसार, कंपनियों को 200 करोड़ रुपये का न्यूनतम निवेश और शुरुआती 200 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 150 रोजगारों का न्यूनतम रोजगार सीमा को पूरा करना चाहिए।
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सेमीकंडक्टर चिप
- फोटो : iStock
इसके अलावा, हर अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये के निवेश के लिए कम से कम 35 रोजगार सृजित किए जाने चाहिए। यूनिट्स को न्यूनतम निवेश और रोजगार सीमा को मानक चार साल की निवेश अवधि के भीतर पूरा करना होगा। इसके अलावा, कंपनियों को निर्माण सुविधा से कम से कम 20 प्रतिशत इन-हाउस या यूनिट स्तर के मूल्यवर्धन के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।