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Petrol: 100 के बजाय 110 का पेट्रोल क्यों खरीदते हैं लोग, क्या मिलता है ज्यादा तेल? जानिए कितना है फायदा
Tue, 14 Jan 2025 10:55 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 14 Jan 2025 10:55 PM IST
सार
पेट्रोल पंप की मशीनें लीटर में तेल देने के लिए बनाई जाती हैं। पेट्रोल की माप के लिए इन मशीनों में फ्लो मीटर डिवाइस का इस्तेमाल होता है, जो तेल के फ्लो का पता लगाता है।
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Petrol Pumps
- फोटो : FREEPIK
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जब भी आप पेट्रोल-डीजल भरवाने पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो आपने देखा होगा कि कई लोग 100 रुपये के बजाय 110 या 120 रुपये का पेट्रोल लेना पसंद करते हैं। कुछ लोग 500 रुपये के बजाय 495 रुपये का पेट्रोल लेना उचित मानते हैं। लोगों का मानना है कि ऐसा करने से तेल की चोरी नहीं होती और उन्हें सही मात्रा में पेट्रोल मिलता है। सोशल मीडिया पर ऐसी बातें खूब वायरल होती हैं। लेकिन असलियत क्या है? क्या वाकई ऐसा करने से सही मात्रा में पेट्रोल मिलता है? आइए इस भ्रम को दूर करते हैं।
petrol diesel
- फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
ऑनलाइन प्लेटफार्म क्वोरा (Quora) पर भी यह सवाल पूछा गया था। इस पर रेलवे के पूर्व मुख्य इंजीनियर अनिमेष कुमार सिन्हा ने जवाब दिया। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप की मशीनें लीटर के हिसाब से डिज़ाइन की गई होती हैं और इनमें गड़बड़ी की संभावना बहुत कम होती है। पेट्रोल या डीजल का रेट सॉफ़्टवेयर के माध्यम से निर्धारित किया जाता है।
ऑनलाइन प्लेटफार्म क्वोरा (Quora) पर भी यह सवाल पूछा गया था। इस पर रेलवे के पूर्व मुख्य इंजीनियर अनिमेष कुमार सिन्हा ने जवाब दिया। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप की मशीनें लीटर के हिसाब से डिज़ाइन की गई होती हैं और इनमें गड़बड़ी की संभावना बहुत कम होती है। पेट्रोल या डीजल का रेट सॉफ़्टवेयर के माध्यम से निर्धारित किया जाता है।
Petrol Pumps
- फोटो : FREEPIK
कैसे काम करता है पेट्रोल पंप?
पेट्रोल पंप की मशीनें लीटर में तेल देने के लिए बनाई जाती हैं। पेट्रोल की माप के लिए इन मशीनों में फ्लो मीटर डिवाइस का इस्तेमाल होता है, जो तेल के फ्लो का पता लगाता है। पेट्रोल की कीमत को सॉफ़्टवेयर के जरिए लीटर में कन्वर्ट किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ने 10 लीटर पेट्रोल लिया, तो उसे पेट्रोल की रेट के हिसाब से उतने रुपये का बिल डिस्प्ले पर दिखने लगेगा। अगर किसी ने 110 रुपये का तेल लिया तो उतने रुपये में तेल की जितनी मात्रा होगी ग्राहक को उतना ही तेल मिलेगा। कई बार पेट्रोल पंप वाले उस अमाउंट का मीटर में सेटिंग कर देते हैं जिस अमाउंट का तेल लोग ज्यादा भरवाते हैं, जैसे 100, 150 या 200 रुपये। ऐसे में वह बार-बार नंबर दबाने से बच जाते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं होता कि मशीन में कोई गलत सेटिंग की गई है।
पेट्रोल पंप की मशीनें लीटर में तेल देने के लिए बनाई जाती हैं। पेट्रोल की माप के लिए इन मशीनों में फ्लो मीटर डिवाइस का इस्तेमाल होता है, जो तेल के फ्लो का पता लगाता है। पेट्रोल की कीमत को सॉफ़्टवेयर के जरिए लीटर में कन्वर्ट किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ने 10 लीटर पेट्रोल लिया, तो उसे पेट्रोल की रेट के हिसाब से उतने रुपये का बिल डिस्प्ले पर दिखने लगेगा। अगर किसी ने 110 रुपये का तेल लिया तो उतने रुपये में तेल की जितनी मात्रा होगी ग्राहक को उतना ही तेल मिलेगा। कई बार पेट्रोल पंप वाले उस अमाउंट का मीटर में सेटिंग कर देते हैं जिस अमाउंट का तेल लोग ज्यादा भरवाते हैं, जैसे 100, 150 या 200 रुपये। ऐसे में वह बार-बार नंबर दबाने से बच जाते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं होता कि मशीन में कोई गलत सेटिंग की गई है।
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petrol pump meter new
- फोटो : istock
सही मात्रा में तेल पाने का सबसे बेहतर तरीका
अगर आपको शक है कि 100, 200 या 500 रुपये में कम तेल दिया जा रहा है तो लीटर के हिसाब से पेट्रोल भरवाएं। छुट्टे पैसे की समस्या को लेकर पेट्रोल पंप कर्मियों की बातों में न आएं। आजकल डिजिटल पेमेंट का विकल्प हर जगह उपलब्ध है। पेट्रोल पंप की मशीनों का नियमित निरीक्षण माप तौल विभाग और तेल कंपनियों द्वारा किया जाता है। अगर पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल देने का शक हो तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।
अगर आपको शक है कि 100, 200 या 500 रुपये में कम तेल दिया जा रहा है तो लीटर के हिसाब से पेट्रोल भरवाएं। छुट्टे पैसे की समस्या को लेकर पेट्रोल पंप कर्मियों की बातों में न आएं। आजकल डिजिटल पेमेंट का विकल्प हर जगह उपलब्ध है। पेट्रोल पंप की मशीनों का नियमित निरीक्षण माप तौल विभाग और तेल कंपनियों द्वारा किया जाता है। अगर पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल देने का शक हो तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।
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Petrol Pump
- फोटो : AdobeStock
अगर शक हो तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि पेट्रोल पंप पर तेल की मात्रा में गड़बड़ी हो रही है, तो आप इसकी शिकायत माप तौल विभाग में कर सकते हैं। आप माप तौल विभाग को इसकी जानकारी ऑनलाइन शिकायत पोर्टल pgportal.gov.in दे सकते हैं। इसके अलावा आप तेल कंपनी को भी सूचित कर सकते हैं। हर पेट्रोल पंप किसी न किसी तेल कंपनी के अंतर्गत आता है। आप पेट्रोल पंप पर उपलब्ध टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
अगर आपको लगता है कि पेट्रोल पंप पर तेल की मात्रा में गड़बड़ी हो रही है, तो आप इसकी शिकायत माप तौल विभाग में कर सकते हैं। आप माप तौल विभाग को इसकी जानकारी ऑनलाइन शिकायत पोर्टल pgportal.gov.in दे सकते हैं। इसके अलावा आप तेल कंपनी को भी सूचित कर सकते हैं। हर पेट्रोल पंप किसी न किसी तेल कंपनी के अंतर्गत आता है। आप पेट्रोल पंप पर उपलब्ध टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।