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Driving: ये है ड्राइविंग के लिए सबसे खतरनाक देश, अमेरिका से ज्यादा सुरक्षित है भारत, इस रिपोर्ट में खुलासा
Tue, 01 Apr 2025 08:00 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 01 Apr 2025 08:00 PM IST
सार
एक नई वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, सड़क सुरक्षा के मामले में भारत को अमेरिका से अधिक सुरक्षित माना गया है। जूटोबी (Zutobi) नाम के एक संगठन की वार्षिक रिपोर्ट में भारत को 49वां स्थान मिला है, जबकि अमेरिका 51वें स्थान पर है।
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Delhi Traffic
- फोटो : PTI
एक नई वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, सड़क सुरक्षा के मामले में भारत को अमेरिका से अधिक सुरक्षित माना गया है। जूटोबी (Zutobi) नाम के एक संगठन की वार्षिक रिपोर्ट में भारत को 49वां स्थान मिला है, जबकि अमेरिका 51वें स्थान पर है। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका लगातार दूसरे वर्ष सबसे खतरनाक देश बना हुआ है और 53वें स्थान पर है।
Traffic Police
- फोटो : AdobeStock
कैसे तय हुई रैंकिंग?
यह अध्ययन अमेरिका स्थित ड्राइवर ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म जूटोबी द्वारा किया गया, जिसमें सड़क सुरक्षा के कई मानकों का विश्लेषण किया गया। इन मानकों में हाईवे स्पीड लिमिट, ड्राइवरों के लिए ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (बीएसी) लिमिट और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की दर शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जब बात सड़क सुरक्षा की आती है तो नॉर्वे लगातार चौथे साल दुनिया का सबसे सुरक्षित देश बना हुआ है।
यह भी पढ़ें - Traffic Challan: ट्रैफिक चालान नहीं भरा तो लाइसेंस हो सकता है निलंबित, एक अप्रैल से सख्त हो रहे हैं नियम
यह अध्ययन अमेरिका स्थित ड्राइवर ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म जूटोबी द्वारा किया गया, जिसमें सड़क सुरक्षा के कई मानकों का विश्लेषण किया गया। इन मानकों में हाईवे स्पीड लिमिट, ड्राइवरों के लिए ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (बीएसी) लिमिट और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की दर शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जब बात सड़क सुरक्षा की आती है तो नॉर्वे लगातार चौथे साल दुनिया का सबसे सुरक्षित देश बना हुआ है।
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Car Airbags
- फोटो : Citroen
भारत में सड़क सुरक्षा में सुधार
हालांकि भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या हमेशा से चिंता का विषय रही है। लेकिन हाल के वर्षों में सड़क सुरक्षा नीतियों और बुनियादी ढांचे में सुधार के चलते वैश्विक स्तर पर इसकी स्थिति में सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई कड़े कदम उठाए हैं।
इनमें गाड़ियों में छह एयरबैग अनिवार्य करना, ड्राइविंग टेस्ट को अधिक सख्त बनाना, एक्सप्रेसवे और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने लगाना शामिल है। इन सुधारों के कारण भारत की सड़क सुरक्षा रैंकिंग में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
यह भी पढ़ें - Toll Tax: हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर हुआ महंगा, टोल दरों में 4-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी, जानें डिटेल्स
हालांकि भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या हमेशा से चिंता का विषय रही है। लेकिन हाल के वर्षों में सड़क सुरक्षा नीतियों और बुनियादी ढांचे में सुधार के चलते वैश्विक स्तर पर इसकी स्थिति में सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई कड़े कदम उठाए हैं।
इनमें गाड़ियों में छह एयरबैग अनिवार्य करना, ड्राइविंग टेस्ट को अधिक सख्त बनाना, एक्सप्रेसवे और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने लगाना शामिल है। इन सुधारों के कारण भारत की सड़क सुरक्षा रैंकिंग में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
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- फोटो : Adobe Stock
दुनिया में सड़क सुरक्षा के नए ट्रेंड्स
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की दर घटकर प्रति 1 लाख लोगों पर 8.9 से 6.3 हो गई है। जो सड़क सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और कड़े नियमों का संकेत है। हालांकि, ज्यादातर देशों में स्पीड लिमिट और शराब पीकर गाड़ी चलाने की सीमा (बीएसी लिमिट) में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और कड़े नियमों का प्रभाव पड़ रहा है।
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रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की दर घटकर प्रति 1 लाख लोगों पर 8.9 से 6.3 हो गई है। जो सड़क सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और कड़े नियमों का संकेत है। हालांकि, ज्यादातर देशों में स्पीड लिमिट और शराब पीकर गाड़ी चलाने की सीमा (बीएसी लिमिट) में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और कड़े नियमों का प्रभाव पड़ रहा है।
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Traffic Challan
- फोटो : Facebook/Gurugram Traffic Police
भारत की चुनौतियां
हालांकि भारत की रैंकिंग सुधरी है, लेकिन सड़क हादसों को और कम करने के लिए अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। देश में ओवरस्पीडिंग, गलत लेन में गाड़ी चलाने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इसलिए, सड़क सुरक्षा के और बेहतर उपायों की जरूरत बनी रहेगी। ताकि दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके और देश की सड़कों को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
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हालांकि भारत की रैंकिंग सुधरी है, लेकिन सड़क हादसों को और कम करने के लिए अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। देश में ओवरस्पीडिंग, गलत लेन में गाड़ी चलाने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इसलिए, सड़क सुरक्षा के और बेहतर उपायों की जरूरत बनी रहेगी। ताकि दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके और देश की सड़कों को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
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