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FAME-II Scheme: इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर्स के लिए सिर्फ 180 करोड़ रुपये निर्धारित, कैसे पूरा होगा लक्ष्य?
Sat, 15 Apr 2023 07:40 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 15 Apr 2023 07:40 PM IST
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Electric Vehicle Charger
- फोटो : Pixabay
भले ही सरकार देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों के फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए दिलचस्पी दिखा रही है। लेकिन केंद्र की फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) योजना के दूसरे चरण के लिए आवंटित किए गए 5,171.97 करोड़ रुपये में से 2023-24 के केंद्रीय बजट में इलेक्ट्रिक चार्जर्स के लिए सिर्फ 180 करोड़ रुपये ही रखे गए हैं।
Electric Vehicle Charger
- फोटो : Pixabay
2023-24 के केंद्रीय बजट में FAME-II योजना के लिए कुल 5,171.97 करोड़ रुपये के कुल आवंटन में से लगभग 3,000 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिक बसों के लिए रखे गए हैं।
हालांकि, चार्जर के लिए 180 करोड़ रुपये की मामूली राशि इसलिए भी खटकती है क्योंकि योजना के दूसरे चरण के मुख्य उद्देश्यों में से एक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करना था।
हालांकि, चार्जर के लिए 180 करोड़ रुपये की मामूली राशि इसलिए भी खटकती है क्योंकि योजना के दूसरे चरण के मुख्य उद्देश्यों में से एक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करना था।
Electric Vehicle Charger
- फोटो : Istock
FAME योजना के लिए नोडल मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय के लिए कुल बजटीय आवंटन 6,171.63 करोड़ रुपये था, जिसमें से 5,171.97 करोड़ रुपये, या कुल बजट का 80 प्रतिशत, FAME-II योजना के लिए 2023-24 के लिए निर्धारित किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि हालांकि, भारी उद्योग मंत्रालय इसके तहत ज्यादातर चार्जर लगाने में सक्षम नहीं रहा है और इसलिए, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के रिटेल आउटलेट्स में चार्जिंग स्टेशन शुरू करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को अनुबंधित किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि हालांकि, भारी उद्योग मंत्रालय इसके तहत ज्यादातर चार्जर लगाने में सक्षम नहीं रहा है और इसलिए, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के रिटेल आउटलेट्स में चार्जिंग स्टेशन शुरू करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को अनुबंधित किया गया है।
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Electric Vehicle Charger
- फोटो : Pixabay
इसके पीछे कारण यह है कि पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन पीएसयू इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की बेहतर स्थिति में हैं, क्योंकि यह पहले से ही देश भर में ऊर्जा समाधान प्रदान कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि इससे योजना तेजी से लागू होगी।
FAME-II योजना को पांच साल के लिए अधिसूचित किया गया था और 15.62 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देने के अपने लक्ष्य को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च, 2024 है। भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग का कुल आकार लगभग 10 लाख करोड़ रुपये है।
FAME-II योजना को पांच साल के लिए अधिसूचित किया गया था और 15.62 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देने के अपने लक्ष्य को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च, 2024 है। भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग का कुल आकार लगभग 10 लाख करोड़ रुपये है।
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Electric Vehicle Charger
- फोटो : Pixabay
अब तक, सरकार द्वारा सिर्फ 15.62 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का समर्थन किया जा रहा है, जो सूत्रों ने बताया, FAME योजना के पीछे प्राथमिक कारण को समझने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है। जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने और हवा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ मार्च 2024 तक पेट्रोलियम फ्यूल आयात पर विदेशी मुद्रा की बचत करने के लिए था। ।