इलेक्ट्रिक स्कूटी या बाइक में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। हाल में ही तेलंगाना के सिकंदराबाद में ऐसी ही घटना सामने आई। जिसमें चार्जिंग के दौरान ईवी में आग लग गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसे कई कारण होते हैं जिनसे किसी ईवी में आग लगने का खतरा होता है। ऐसे ही पांच कारण हम आपको बताने जा रहे हैं जिनसे ईवी में आग लग सकती है।
शॉर्ट सर्किट
2 of 6
इलेक्ट्रिक वाहन में आग
- फोटो : सोशल मीडिया
चार्जिंग स्टेशन में जिन बाइक और स्कूटी में आग लगती है उनमें सबसे बड़ा कारण शॉर्ट सर्किट होता है। अगर बैटरी के जॉइंट टाइट नहीं हो तो शॉर्ट सर्किट की संभावना बढ़ जाती है। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर में सात किलोवॉट तक के चार्जर का उपयोग किया जाता है जो कई बार इतना ज्यादा ताकतवर हो जाता है कि इनके उपयोग से बैटरी में शॉर्ट सर्किट के खतरे की संभावना हो जाती है।
तापमान से बैटरी गर्म होना
3 of 6
ईवी चार्जिंग
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत के कई हिस्सों में तेज गर्मी पड़ती है। ऐसे में इन जगहों पर तापमान भी काफी ज्यादा दर्ज किया जाता है। इससे दो पहिया वाहनों में भी समस्या हो जाती है। ज्यादातर इलेक्ट्रिक टू व्हीलर में बैटरी को सीट के नीचे लगाया जाता है और गर्मी में धूप के नीचे वाहन खड़ा करने से उसका तापमान बढ़ जाता है। जिसके कारण भी आग लगने की संभावना बढ़ जाती है।
कितना तापमान है खतरनाक
4 of 6
दो पहिया ईवी
- फोटो : सोशल मीडिया
ई स्कूटर में ईंधन के लिए इस्तेमाल होने वाली लिथियम और सामान्य स्कूटर में उपयोग होने वाली गैसोलिन बेहद ज्वलनशील होते हैं। गैसोलिन 210 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान होने पर आग पकड़ लेता है तो लिथियम 135 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ही आग पकड़ सकती है।
हीट सिंक कम होना
5 of 6
ईवी बैटरी
- फोटो : सोशल मीडिया
बैटरी से गर्मी ज्यादा निकलती है। इसके लिए बैटरी में कवर को ज्यादा मजबूत होना चाहिए और उसमें हीट सिंक का इस्तेमाल करना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा करने पर बैटरी का वजन भी बढ़ जाएगा और फिर बैटरी को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने में परेशानी होगी। इसलिए जानबूझकर इनका वजन कम रखने के लिए ऐसा किया जाता है।