करवा चौथ के व्रत के बाद कार्तिक मास की कृष्णपक्ष की अष्टमी को अहोई अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन का संबंध भगवान शिव की पत्नी मां पार्वती से है। अहोई अष्टमी के दिन मां पार्वती के अहोई स्वरुप की पूजा की जाती है। इस दिन सभी निसंतान महिलाएं संतान की प्राप्ति के लिए और जिन महिलाओं की संतान है, वे उनकी मंगल कामना हेतु व्रत रखती हैं।
Ahoi Ashtami Vrat 2019: राशिनुसार अहोई व्रत पर इन उपायों से होंगी सभी मनोकामना पूरी
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