वास्तु नियमों के अनुसार आपके घर में रखी प्रत्येक वस्तु, घरेलु उपकरण और इंटीरियर डेकोरेशन का सामान एक प्रतीक के रूप में कार्य करता है। यह आपके अवचेतन मन को प्रभावित करता है जो उसी के अनुसार काम करना शुरू कर देता है। आपकी सकारात्मक सोच की उत्पत्ति आपके आवास स्थल पर मौजूद सकारात्मक ऊर्जा पर निर्भर करती है। इसलिए घर में पॉज़िटिव माहौल बनाने के लिए जरूरी है कि आपके घर की डेकोरेशन वास्तु नियमों के अनुरूप हो। घर में अलग-अलग जगहों पर की गई इंटीरियर डेकोरेशन का भी हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है।
Vastu Tips: अपने घर को खुशियों का आशियाना बनाना है तो वास्तु के इन 6 उपायों को जरूर करें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुख-समृद्धि की तस्वीर
जानवरों की छवियाँ कठोरता, निर्दयता और लालच का प्रतीक मानी जाती है। अतः सज्जा में इनकी अवेहलना की जानी चाहिए। घर में जिन अन्य तस्वीरों को लगाना अनुचित माना गया है वे हैं युद्ध के रक्त रंजित दृश्य, उजाड़ लैंडस्केप, सूखे पेड़ एवं अवसाद फैलाने वाले दृश्य। जिन जानवरों की तस्वीरें लगाना शुभ हैं उनमें घोड़े की तस्वीर लगाना शामिल है घोड़े बलिष्टता, विस्तार, गति और पौरुष बल का प्रतिनिधित्व करते हैं। घोड़े का शोपीस या भागते हुए घोड़ों की तस्वीर पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाने से काम में गति आती है। धैर्य का प्रतीक हाथी की तस्वीर उत्तर या दक्षिण दिशा में लगाने से यश एवं प्रसिद्धि निश्चित प्राप्त होते हैं। शांति और प्रचुरता की प्रतीक गाय को पूर्व, दक्षिण-पूर्व में रखने से दुःख और चिंताएं समाप्त होकर इच्छाओं की पूर्ती होने में मदद मिलती है।
हरियाली देगी नए अवसर
ड्राइंग रूम में पूर्व या उत्तर में मनीप्लांट, बैम्बू बंच या कोई छोटा इंडोर प्लांट जैसे पौधे रखना सुंदरता के साथ-साथ समृद्धिकारक भी माने गए हैं। हरे-भरे पौधे देखने से मन को सुकून मिलता है,वहीं तनाव दूर होता है और ख़ुशी महसूस होती है। ध्यान रहे सूखे, कांटेदार और बोन्साई पौधे निराशा के सूचक हैं, इन्हें न लगाएं। घर की उत्तर दिशा की तरफ हरे-भरे जंगल अथवा लहलाती फसलों का चित्र लगाने से एक साथ कई लाभ प्राप्त होते हैं। इससे आपके द्वारा किए गए कार्यों को कीर्ति, प्रतिष्ठा एवं विकास तो मिलता ही है साथ में उन कार्यों से धन का आगमन भी होता है। इसी प्रकार अपने घर के दक्षिण-पश्चिम जोन में पीले रंग का मिटटी का फूलदान रखना स्थायित्व तो प्रदान करता ही है साथ ही बचत को बढ़ावा देता है,आपके स्वास्थ्य और आपसी संबंधों को दुरुस्त बनाता है। वास्तु के अनुसार फूलों की सजावट मन को आनंद प्रदान करती है।नकारात्मक ऊर्जा के सृजन से बचने के लिए गुलदस्ते में रखे फूल,सूखने या मुरझाने लगें तो इन्हें तुरंत हटा देना चाहिए।
मिलेगा ईश्वर का आशीर्वाद
मानसिक स्पष्टता और प्रज्ञा का दिशा क्षेत्र उत्तर-पूर्व पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है। इस दिशा में पूजाघर या अपने इष्टदेव की तस्वीर स्थापित करें। ऐसा करने से आपको हमेशा परमात्मा का मार्गदर्शन मिलता रहता है। यह दिशा योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए भी श्रेयस्कर है।अपने दिवंगतों की फोटो दक्षिण-पश्चिम में लगाएं। शुभ परिणामों के लिए घर के पश्चिम जोन में आप अपने गुरु की फोटो लगाकर पूजन कर सकते हैं।
वास्तु के अनुसार घर में प्रकाश की व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए। प्रकाश की कमी तरक्की में बाधक,कार्यों में विघ्न एवं बहस आदि का कारण भी बन सकती है। अगर लाइट बहुत तेज़ या कम है तो आपकी आँखों पर बुरा असर पड़ता है वहीं सही प्रकाश न होना वास्तु दोष भी उत्पन्न करता है और वहां पर नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।