दिनभर की भागदौड़ के बाद घर लौटते ही अक्सर लोगों की आदत होती है कि वे अपने जूते-चप्पल जहां-तहां खोलकर फेंक देते हैं। दिखने में यह भले ही एक छोटी सी लापरवाही लगे, लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका सीधा असर आपके जीवन की सुख-शांति, आर्थिक स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
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घर में जूते-चप्पल रखने का सही तरीका क्या है? जानें वास्तु के ये जरूरी नियम
सार
ज्योतिष में पैरों का संबंध शनिदेव से माना जाता है, जबकि बेतरतीब बिखरे जूते और गंदगी राहु के अशुभ प्रभाव को न्योता देते हैं। आइए जानते हैं कि जूते-चप्पलों को व्यवस्थित रखने से जीवन पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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जूते-चप्पल से जुड़े वास्तु नियम
- फोटो : AI
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शनिदेव का असर और कार्यों में रुकावट
- फोटो : adobe
1. शनिदेव का असर और कार्यों में रुकावट
- वैदिक ज्योतिष में पैरों और जूते-चप्पलों का प्रतिनिधि ग्रह 'शनि' को माना गया है। जब आप घर में फटे, गंदे या इधर-उधर जूते-चप्पल फैलाकर रखते हैं, तो इससे शनि का अशुभ प्रभाव बढ़ता है।
- प्रभाव: बनते हुए कार्यों में अड़चनें आने लगती हैं, कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता मिलने में देरी होती है और व्यक्ति का भाग्य साथ देना छोड़ देता है।
राहु का नकारात्मक प्रभाव और मान-प्रतिष्ठा, शत्रु भय
- फोटो : adobe stock
2. राहु का नकारात्मक प्रभाव और मान-प्रतिष्ठा, शत्रु भय
- घर के मुख्य द्वार या राह में अस्त-व्यस्त जूते-चप्पल फेंकने से घर का वातावरण दूषित होता है, जिससे राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है।
- प्रभाव: इससे घर में अकारण तनाव, मानसिक अशांति और गुप्त शत्रुओं की समस्या पैदा होती है। समाज में व्यक्ति की मान-प्रतिष्ठा में कमी आती है। ज्योतिषानुसार ऐसा कार्य करने वाले के शत्रु बड़ जाते हैं और शत्रु से वे हर समय परेशान रहते हैं।
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घर में लक्ष्मी का आगमन और वास्तु नियम
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3. घर में लक्ष्मी का आगमन और वास्तु नियम
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार लक्ष्मी जी के आगमन का द्वार होता है। यदि मुख्य द्वार पर ही गंदगी या जूते-चप्पलों का ढेर लगा रहेगा, तो सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती।
- उपाय: मुख्य द्वार और ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को हमेशा साफ़ और खाली रखें। जूते-चप्पलों को रखने के लिए शू-रैक का उपयोग करें।
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जूते-चप्पल से जुड़े मुख्य वास्तु-नियम
- फोटो : Freepik
जूते-चप्पल से जुड़े मुख्य वास्तु-नियम
- सही दिशा में रखें: जूते-चप्पलों के स्टैंड को हमेशा घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है।
- जूते रखकर न सोएं: कभी भी अपने सोने के कमरे में या बेड के नीचे जूते-चप्पल न रखें, इससे पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट और अनिद्रा की समस्या होती है।
- टूटे-फोटे जूते तुरंत हटाएँ: जो जूते-चप्पल फटे या बेकार हो चुके हैं, उन्हें घर में जमा करके न रखें। इससे दरिद्रता आती है।
- मुख्य द्वार रखें साफ: घर के प्रवेश द्वार के ठीक सामने जूते-चप्पल कभी न उतारें। इन्हें हमेशा साइड में करीने से लगाकर रखें।
- घर में जीवनशैली और रहन-सहन का तरीका हमारे भाग्य को काफी हद तक प्रभावित करता है। जूते-चप्पलों को सही स्थान पर और करीने से रखने से न केवल घर की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि शनि और राहु के दुष्प्रभावों से भी राहत मिलती है। थोड़े से अनुशासन से आप अपने जीवन की कई परेशानियों और तनावों को दूर रख सकते हैं।
- शैली प्रकाश