वास्तुदोष दूर करने में सहायक हैं वास्तु के ये 10 नियम,आजमाने से होगा फायदा
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रामायण पाठ करना है शुभ
घर में अखंड रूप से 9 बार रामायण का पाठ करने से वास्तुदोष का निवारण होता है। इसी प्रकार घर में 9 दिन तक अखंड कीर्तन करने से वास्तुजनित दोषों का निवारण होता है। शुभ फलों की प्राप्ति होती है एवं परिवार के सदस्यों को सुख-शांति मिलती है।
स्वास्तिक का चिन्ह
स्वास्तिक को वास्तु में बहुत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला प्रतीक माना गया है। मुख्यद्वार के ऊपर हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लेकर नौ अंगुल लंबा नौ अंगुल चौड़ा स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और जहां पर भी वास्तु दोष है वहां इस चिन्ह का निर्माण करें वास्तुदोष दूर होकर सुख-समृद्धि का वास होगा।
लाल बल्ब लगाएं
मकान में रसोई घर सही स्थान पर नहीं बना हो तो उस रसोई घर के अंदर गैस चूल्हे को आग्नेय कोण में रख दें और रसोई के ईशान कोण में साफ बर्तन में जल भरकर रख दें। अग्निकोण में एक लाल बल्ब लगा दें और निरंतर जला कर रखें इससे फायदा होगा। ऐसा करने से आपके घर में धन का प्रवाह बना रहेगा और कहीं धन अटका हुआ है तो उसके मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
द्वार बनेगा शुभ
द्वार दोष और वेध दोष दूर करने के लिए शंख, सीप, समुद्री झाग, कौड़ी लाल कपड़े में बांधकर दरवाजे पर लटकायें। मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखें। इसी प्रकार बीम के दोष को दूर करने के लिए बीम को सीलिंग टायल्स से ढंक दें एवं बीम के दोनों ओर बांस की बांसुरी लगायें।