हर व्यक्ति की तीन मूल आवश्यकताएं होती हैं रोटी, कपड़ा और मकान। इसी के लिए सब इतनी मेहनत करते हैं। जीवन में सफलता प्राप्त करने के सकारात्मक ऊर्जा कि बहुत आवश्यकता होती है और यह ऊर्जा आपको आपके निवास स्थान से प्राप्त होती है। जब आप कभी कोई घर किराये पर या खरीदने के लिए देखने जाते हो तो आपको भी आभास हुआ होगा सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का। सकारात्मक ऊर्जा वाले निवास स्थान में चारों ओर माहौल खुला और हल्कापन लिए महसूस होगा। वहीं नकारात्मक ऊर्जा वाले निवास स्थान में आपको भारीपन स लगने लगेगा। पर यह जरूरी नहीं कि जो चीज आपको महसूस हुई हो वो दूसरों को भी लगेगा। इसका कारण हैं प्रत्येक व्यक्ति कि शारीरिक ऊर्जा अलग होती है और इसका संबंध राशियों से भी होता है।
अगर आप भी घर लेना चाह रहे हैं तो आपको अपनी राशि के अनुसार घर का चयन करना चाहिए। राशि के अनुसार घर चुनने से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे, यदि किसी कारणवश नए घर का निर्माण करना संभव नहीं है तो अधिक से अधिक अपने शुभ रंगों का प्रयोग कर आप घर को वास्तु दोष रहित कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि आपकी राशि के अनुसार किस दिशा के मुख वाला घर आपके लिए उत्तम रहेगा।
मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए दक्षिण मुखी घर में रहना अत्यंत शुभ हैं। यदि आप यहां रहते हैं तो आपके व्यक्तित्व में विकास होगा। आप अपने घर में ब्राइट रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे लाल, पीला, गुलाबी रंग आपको सुबह फल देगा।
वृषभ : वृषभ राशि के जातकों के लिए दक्षिण-पूर्व मुखी घर शुभ है। यह आपके वैवाहिक जीवन में स्नेहशीलता बनाए रखेगा। आपको अपने घर की दीवारों और कमरों में गुलाबी और सफेद रंग का प्रयोग करना चाहिए। बेडशीट, पर्दे नीले रंग के प्रयोग कर सकती हैं। स्फटिक श्रीयंत्र की स्थापना करने से वास्तुदोषों में कमी आएगी।
मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए उत्तर मुखी भवन का चयन करना उन्नतिकारक और शुभप्रदायक रहेगा। घर की शुभता बढ़ाने के लिए आप घर में हल्का हरा व हल्के नीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। पूजन कक्ष में हरे रंग का विशेष रुप से प्रयोग कराना शुभ रहेगा। घर की यह दिशा आपको हमेशा सुख समृद्ध बनाए रखेगी।
कर्क: कर्क राशि के जातकों के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा का घर उत्तम रहेगा। इसके साथ आपको अपने घर में सफेद या क्रीम रंग करवाना चाहिए, यह आपको शुभ फल देगा। इसके अतिरिक्त आपको अपने कमरे के उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा के कोने में पानी का घड़ा या बहते हुए पानी का चित्र अवश्य लगाना चाहिए।