घर का मुख्य द्वार ही ऊर्जा के आगमन का स्थान होता है। नकारात्मक और सकारात्मक दो तरह की ऊर्जाएं होती हैं। घर में सकारात्मक वातावरण और खुशहाली के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार आवश्यक होता है। इसलिए मुख्य द्वार को लेकर कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इससे आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। सनातन धर्म और ज्योतिष में कुछ चिह्नों को बहुत शुभ माना जाता है। इनको घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है जिससे घर में शुभता आती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। जानते हैं।
मुख्य द्वार पर इन को चीजें लगाने से आती है शुभता और दूर होती हैं आर्थिक समस्याएं
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गणेश जी की प्रतिमा को मुख्य द्वार पर लगाना सबसे शुभ माना जाता है। क्योंकि गणेश जी स्वयं ही शुभता के देवता हैं और सभी कार्यों में आने वाले विघ्नों को दूर करते हैं। मुख्य द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा लगानी चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि प्रतिमा की पीठ के दर्शन नहीं होने चाहिए क्योंकि मान्यता है कि गणेश जी की पीठ की ओर दरिद्रता निवास करती है। आप चाहे तो गणेश जी की दो प्रतिमाएं इस तरह से भी लगा सकते हैं कि दोनों की पीठ एक-दूसरे की ओर रहे।
स्वास्तिक के चिह्न को बहुत शुभ माना गया है। मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिह्न बनाना चाहिए। लेकिन स्वास्तिक बनाते समय ध्यान रखें की स्वास्तिक सुंदर तरह से और सही बनी हुई हो। आप चाहें तो धातु का स्वास्तिक भी लाकर लगा सकते हैं। इससे आपके रुके हुए कार्य बनने लगते हैं।
शुभ-लाभ के तो नाम ही शुभता होती है। गणेश जी के साथ शुभ-लाभ विराजते हैं। मुख्य द्वार के दोनों ओर रोली से स्वास्तिक के चिह्न बनाने चाहिए। इन चिह्नों को द्वार पर बनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और शुभता बनी रहती है। कार्य बनने लगते हैं।
घर के मुख्य द्वार पर अशोक के पत्तों की तोरण लगाना चाहिए। अशोक के पत्तों को बहुत शुभ माना जाता है। जब पत्ते सूखने लगे तो उन्हें हटाकर दूसरी तोरण लगानी चाहिए। अशोक के पत्तों की तोरण मुख्य द्वार पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।