ग्रहों का हमारे जीवन में होने वाली घटनाओं से संबंध होता है। ग्रहों की शुभ स्थिति से जहां हमारे जीवन में लाभ की स्थिति बनती है, तो वही कुंडली में कमजोर ग्रहों के कारण आपको समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए कुंडली में ग्रहों का मजबूत होना आवश्यक होता है। हर ग्रह अलग फल प्रदान करता है। ज्योतिष में कमजोर ग्रहों को मजबूत करने के लिए बहुत से उपाय बताए गए हैं। लेकिन हम अपनी दिनचर्या और स्वभाव में कुछ छोटे-छोटे परिवर्तन करके भी ग्रहों के कारण होने वाली समस्याओं से निजात पा सकते हैं। हम आज यहां पर मंगल से लेकर शनि तक सभी ग्रहों से संबंधित उपाय बताएंगे जिन्हें करने से आप परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं।
ज्योतिष: सूर्य से लेकर राहु-केतु तक, दोषों से मुक्ति के लिए करें ये आसान उपाय
सूर्य को मान-सम्मान का कारक माना गया है कुंडली में सूर्य की कमजोर स्थिति के कारण आपको अपमान का सामना करना पड़ सकता है। पिता और गुरु से संबंधो में कटुता आ सकती है। अगर आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर है तो आपको तांबे के पात्र में पानी पीना चाहिए। नियमित रुप से कुछ देर सूर्य की किरणों के संपर्क में रहना चाहिए। सूर्य के छिपने से पहले ही भोजन ग्रहण कर लेना चाहिए। भोजन में थोड़ी सी लाल मिर्च का प्रयोग करना चाहिए।
चंद्रमा को मन और जल का कारक माना गया है। चंद्रमा को मजबूत करने के लिए रात्रि के समय भोजन में ठंडी तासीर वाली चीजों का त्याग कर दें। अपनी मां के हाथ का बना हुआ कुछ न कुछ अवश्य खाएं। भोजन में सलाद और रसदार फलों को शामिल करें। बासी खाना न खाएं।
मंगल को उग्र ग्रह माना गया है। कुंडली में मंगल को मजबूत बनाने के लिए सप्ताह में एक दिन के लिए खाने में नमक का प्रयोग न करें। गुड़ और दलिया का सेवन करें, अगर हो सके तो भूमि पर सोएं।
बुध को वाकपटुता का कारक माना गया है। कुंडली में बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करें। संगीत सुनने की आदत डालें। साफ-सफाई से रहें। सौंदर्य प्रसाधनों को प्रयोग को कम कर दें। परफ्यूम लगाएं।