हिंदू धर्म में हर कार्य के लिए शुभ मूहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। कोई भी शुभ, मांगलिक कार्य पंचांग में मुहूर्त देखकर ही किया जाता है। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों के सुखद परिणाम प्राप्त होते हैं जबकि यदि बिना मुहूर्त देखे ही कार्य कर लिया जाए और उस समय मुहूर्त सही न हो तो कार्य में विघ्न-बाधाएं आती हैं या फिर अशुभ फल प्राप्त होता है और यदि बाद विवाह की हो तो शुभ मुहूर्त का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। हिंदू धर्म में सोलह संस्कारों में से विवाह बहुत ही महत्वपूर्ण संस्कार है। इसमें वर कन्या एक दूसरे से पाणिग्रहण करते हैं और अपने कर्तव्यों की पूर्ति करते हुए जीवन पर्यंत एक दूसरे का साथ बंधन में बंध जाते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार इस संस्कार के बिना कुल कुटुम्ब और पितृ ऋण से मुक्ति संभव नहीं मानी जाती है। इस वर्ष के पहले सीजन के विवाह मुहूर्त पूर्ण होने में कुछ ही समय शेष रह गया है। इसके बाद विवाह के इच्छुक लोगों को पूरे चार माह तक इंतजार करना होगा। उसी के बाद फिर से विवाह के लिए शुभ मुहूर्त आरंभ होंगे। तो चलिए जानते हैं कि कितने दिन तक हैं विवाह के शुभ मुहूर्त और दोबारा किस तिथि से आरंभ हैं विवाह शुभ मुहूर्त।
Vivah muhurat 2021: इस दिन के तक हैं विवाह के शुभ मुहूर्त, इसके बाद चार माह तक करना होगा विवाह के लिए इंतजार
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Wed, 23 Jun 2021 03:21 PM IST
सार
- जानिए वर्तमान समय में विवाह मुहूर्त के लिए कितना समय शेष
- देवशयनी एकादशी के बाद चार माह तक क्यों रहती है विवाह पर रोक
- इस वर्ष कब से पुनः आरंभ होंगे विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
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