वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का अधिपति और शनि को कर्म व न्याय का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, सूर्य और शनि का संबंध पिता-पुत्र का है, लेकिन दोनों ग्रहों के स्वभाव में काफी अंतर होने के कारण इन्हें परस्पर शत्रु माना जाता है। ऐसे में जब कुंडली या गोचर में दोनों की विशेष स्थिति बनती है, तो उसका असर कुछ राशियों के जीवन में देखने को मिल सकता है। 17 सितंबर 2026 को सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने के साथ सूर्य और शनि के बीच समसप्तक योग का निर्माण हो गया है। इस स्थिति में दोनों ग्रह एक-दूसरे से सातवें भाव में हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान कुछ राशियों को कार्य, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। आइए जानते हैं ये राशियां कौन सी हैं।
शनि-सूर्य समसप्तक योग: अगले 30 दिन इन 3 राशियों के लिए हो सकते हैं भारी, करियर और सेहत को लेकर रहें सतर्क
17 सितंबर 2026 को सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने के साथ सूर्य और शनि के बीच समसप्तक योग का निर्माण हो गया है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान कुछ राशियों को कार्य, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। आइए जानते हैं ये राशियां कौन सी हैं।
मेष राशि
- सूर्य मेष राशि वालों की कुंडली में छठे भाव में रहेंगे, जबकि शनि द्वादश भाव में स्थित होंगे।
- इन दोनों ग्रहों की आमने-सामने की स्थिति के कारण कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ने की आशंका जताई जाती है।
- सहकर्मियों के साथ किसी बात पर मतभेद हो सकता है, जिसका असर काम की गति पर पड़ सकता है।
- साझेदारी में कारोबार करने वालों को आर्थिक लेन-देन में विशेष सतर्कता रखनी होगी और जरूरी कागजात अच्छी तरह जांचें।
- स्वास्थ्य की बात करें तो कुछ जातकों को सिरदर्द या पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
- नियमित दिनचर्या और योग-ध्यान से मानसिक शांति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
उपाय: रोज सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें।
तुला राशि
- तुला राशि के लिए सूर्य का गोचर द्वादश भाव में होगा, जबकि शनि छठे भाव में मौजूद रहेंगे।
- ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम मिलने में देरी का संकेत दे सकता है।
- ऐसे में जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य के साथ काम करना बेहतर रहेगा।
- स्वास्थ्य संबंधी किसी परेशानी को नजरअंदाज न करें।
- सामाजिक और कार्यक्षेत्र से जुड़े संवाद में भी संयम रखना जरूरी होगा।
- बिना सोचे कोई बात कहने से विवाद या प्रतिष्ठा से जुड़ी परेशानी पैदा हो सकती है।
उपाय: भगवान शिव की आराधना करें और नियमित रूप से शिव मंत्र का जाप करें।
मीन राशि
- मीन राशि में पहले से शनि की स्थिति है और सूर्य के कन्या में पहुंचने पर वह आपके सप्तम भाव में आ जाएंगे।
- इस ग्रह स्थिति के कारण दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ने की संभावना बताई जाती है।
- जीवनसाथी के साथ बातचीत करते समय धैर्य रखें और अनावश्यक बहस से बचें।
- धन से संबंधित बड़े फैसले लेने से पहले अच्छी तरह विचार करें।
- कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगाह आपके प्रदर्शन पर रह सकती है, इसलिए जिम्मेदारियों को गंभीरता से पूरा करें।
- कुछ जातकों को तनाव या नींद से जुड़ी परेशानी महसूस हो सकती है।
उपाय: प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक गायत्री मंत्र का जाप करें।
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