शनिवार को शनिदेव का दिन माना गया है। शनि देव न्याय के देवता हैं इसलिए इनको प्रसन्न करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप सत्कर्म करें। बुरे कार्य करने वालों को शनिदेव दंडित करते हैं तो वहीं अच्छे कार्य करने वाले व्यक्ति से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शनि देव की वक्र दृष्टि से मनुष्य के साथ देवों को भी भय लगता है। जिससे शनि देव नाराज हो जाएं उसे हर क्षेत्र में कष्टों का सामना करना पड़ता है। कार्यों में आ रही बाधाएं दूर करने और शनदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन कुछ उपाय करने चाहिए।
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पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
शनिवार के दिन ब्रह्ममूहुर्त में उठकर सूर्योदय से पूर्व ही पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें। उसके बाद पीपल की सात बार परिक्रमा करके पीपल को प्रणाम करे और वहीं पर बैठकर ‘ऊं शं शनैश्चराय नम:’ मंत्र का जाप करें। शनिदेव की पूजा सदैव सूर्योदय से पहले या सूर्योदय के पश्चात की जाती है।
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हनुमान जी की पूजा करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हनुमान जी की पूजा करने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसके लिए किसी हनुमान मंदिर में 4 लौंग और 1 नींबू लेकर जाएं। नींबू में लौंग लगाने के बाद हनुमान जी के समक्ष बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। किसी भी कार्य को जाते समय उस नींबू को अपने साथ लेकर जाएं। कार्यों में सफलता मिलती है। कार्यों में आ रही रुकावटे दूर करने के लिए यह उपाय किया जाता है।
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हाथ में लोहे का छल्ला धारण करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शुक्रवार के दिन एक लोहे का छल्ला लेकर आएं, लेकिन वह छल्ला आग में तपा कर न बनाया गया हो। उस छल्ले को रात में सरसों के तेल में डुबाकर रख दें। शनिवार की सुबह उठकर ‘ऊं शं शनैश्चराय नम:’ मंत्र का जाप करने के बाद छल्ले को अपने उंगली में धारण करें।
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शनिदेव को तेल अर्पित करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शनिवार के दिन शनिदेव का तेल से अभिषेक करना और छायादान करना बहुत शुभ माना जाता है। इसलिए शनिवार के दिन किसी शनि मंदिर में जाकर शनिदेव को तेल अर्पित करें। किसी पात्र में सरसों का तेल लेकर उसमें एक सिक्का डालें उस तेल में अपनी छाया देखें। उसके बाद तेल को दान कर दें।