आम से लेकर खास सभी लोग शनि का नाम आते ही घबरा जाते हैं। आम धारणा के अनुसार शनि को अशुभ माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि जिस किसी पर भी शनि की अशुभ छाया या शनि की साढ़ेसाती चढ़ जाती है उसके बुरे दिन शुरू हो जाती है। नौकरी और व्यापार में संकट मडराने लगता है। बीमारियां और तरह-तरह की परेशानियां लग जाती हैं। लेकिन ज्योतिष में शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। शनिदेव हर किसी को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। शनिदेव अच्छा काम और मेहनत करने वालों को शुभ फल देते है जबकि बुरे काम करने वालों पर अपनी तिरछी नजरें डाल देते हैं। शनिदेव की कृपा पाने और शनि के बुरे प्रभाव को करने के लिए कुछ उपाय और सावधानियां बरतनी चाहिए।
ज्योतिष : मकर, धनु और कुंभ राशि पर शनि की छाया, जानिए इन पर से कब हटेगी साढ़ेसाती?
शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित होता है। शनिवार के दिन शनिदेव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए। शनिवार के दिन लोहे से बनी चीजों को दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शनिवार के दिन लोहे से बनी हुई किसी भी चीज को बाजार से खरीदकर न लाएं। शास्त्रों में शनिवार के दिन लोहा खरीदना वर्जित है।
शनिदेव की पूजा में काले तिल को बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन शनिवार के दिन काले तिल को घर पर खरीदकर नहीं लाना चाहिए।
शनिवार के दिन भूलकर भी तेल घर पर नहीं लाना चाहिए। बल्कि इस दिन भगवान शनिदेव को तेल अर्पण कर उनका आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए।
शनिवार के दिन झाड़ू खरीदकर घर लाना भी शुभ नहीं माना गया है। माना जाता है कि शनिवार के दिन झाड़ू की खरीदारी से जातक को आर्थिक नुकसान होता है।