ज्योतिष: अगर कुंडली में होते हैं ऐसे संयोग, तो बनते हैं सरकारी नौकरी के योग
यदि जन्मकुंडली के लग्न व दशम भाव में सूर्य का प्रभुत्व हो तो जातक राजनेता या राजपत्रित अधिकारी और मंगल का प्रभुत्व हो तो जातक के पुलिस या सेना के उच्च पद पर आसीन होने के संकेत मिलते हैं।
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देश में सरकारी नौकरी के प्रति अधिकतर युवाओं का रूझान देखने को मिलता है। लाखों लाखों युवा सरकारी नौकरी के लिए जमकर तैयारी करते हैं। लेकिन सच यह भी है कि हर किसी के भाग्य में सरकारी नौकरी के योग नहीं बनते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में ग्रह-नक्षत्र की कुछ विशेष परिस्थितियां सरकारी नौकरी के योग का निर्माण करती हैं। ज्योतिष विज्ञान में इस निमित्त कारगर और सरल उपाय भी बताए गए हैं। आइए जानते हैं कुंडली में कैसे बनते हैं सरकारी नौकरी के योग।
- यदि जातक की जन्म कुंडली में लग्न का स्वामी बलवान होकर दशम भाव में बैठे या दशम भाव में सभी शुभ ग्रह हों और दशम भाव का स्वामी बली होकर अपनी या अपनी मित्र राशि में होकर केंद्र या त्रिकोण में हो तो व्यक्ति दीर्घायु होता है और उसका भाग्य राजा के समान होता है। ऐसा जातक प्रशासनिक सेवा में जाता है।
- यदि जन्मकुंडली के लग्न व दशम भाव में सूर्य का प्रभुत्व हो तो जातक राजनेता या राजपत्रित अधिकारी और मंगल का प्रभुत्व हो तो जातक के पुलिस या सेना के उच्च पद पर आसीन होने के संकेत मिलते हैं।
- गुरु का प्रभाव भी यश एवं कीर्ति तथा शुभ कर्म करने वाले लोगों पर देखा जाता है। अधिकतर उच्च पदों पर कार्यरत जातकों की कुंडली में बुध आदित्य योग जरूर होता है।
- जब किसी जातक की कुंडली में दशम स्थान में सूर्य, मंगल या वृहस्पति की दृष्टि पड़ रही होती है तो सरकारी नौकरी का प्रबल योग बन जाता है।
- अगर किसी का लग्न मेष, मिथुन, सिंह, वृश्चिक, वृष या तुला है तो सरकारी नौकरी के लिए अच्छा योग बनते हैं। जब कुंडली में सूर्य, वृहस्पति या चन्द्रमा एक साथ हो तो सरकारी नौकरी के लिए अच्छे योग बन जाते हैं।
- हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, हाथ में सूर्य की दोहरी रेखा हो और बृहस्पति के पर्वत पर क्रास हो तो व्यक्ति को सरकारी नौकरी करने का अवसर मिलता है।
अधिकारी का कारक ग्रह सूर्य है। इसलिए सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय करते रहना चाहिए। नियमित रूप से सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें और उगते सूर्य को जल चढ़ाएं।