हिंदू धर्म में पूजा पाठ में कई तरह की चीजों को उपयोग किया जाता है, इसी तरह से पूजन में चंदन भी मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता है। चंदन को माला, गंध और तिलक कई प्रकार से प्रयोग किया जाता है। हिंदू धर्म में पूजन के साथ ही मंत्र जाप का भी विशेष महत्व माना गया है। अलग-अलग देवी-देवताओं का मंत्र जाप करते हुए अलग तरह के मनकों की माला का प्रयोग किया जाता है। चंदन की माला का प्रयोग भी जाप में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार चंदन की माला से किया गया जाप अतिशीघ्र फलदायी होता है। तो चलिए जानते हैं चंदन की माला का उपयोग और फायदे।
सौभाग्य-सेहत और धन-धान्य प्रदान करती है चंदन की माला, जानें इसके उपयोग और फायदे
चंदन की माला का प्रयोग केवल मंत्र जाप के लिए ही नहीं किया जाता है अपितु इसे धारण करना भी बहुत फायदेमंद होता है। सफेद चंदन की माला धारण करने से व्यक्ति के मस्तिष्क में सकारात्मकता का प्रवाह होता है जिससे मानसिक शांति प्राप्त होती है। जो लोग मानसिक रूप से तनाव का सामना कर रहे हो या फिर परेशानियों के कारण मस्तिष्क स्थिर नहीं रहता हो उनके लिए सफेद चंदन की माला धारण करना चाहिए, इससे कार्य पर सही प्रकार से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। छात्रों के लिए भी सफेद चंदन की माला धारण करना लाभकारी रहता है। वे अच्छी तरह से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
लाल चंदन की माला से मां लक्ष्मी के मंत्रो का जाप करने सी शीघ्र फल प्राप्त होता है। जिससे आपकी धन संबंधित समस्याओं का समाधान होता है और आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनती है। मान्यता है कि यदि चंदन की माला से प्रतिदिन नियमपूर्वक मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप किया जाए तो घर में धन-धान्य भर जाता है।
बृहस्पतिवार का दिन चंदन की माला धारण करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। सबसे पहले स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और फिर पूजा स्थान पर भगवान विष्णु के समक्ष एक पीले रंग का स्वच्छ कपड़ा बिछाएं। अब चंदन की माला को गंगाजल से धो लें और कपड़े पर रखें। इसके बाद भगवान विष्णु का पूजन हल्दी, पुष्प आदि से करें और बाद में चंदन की माला धारण कर लें।
चंदन की माला धारण करने पर इन बातों का रखें ध्यान-
- जो लोग गृहस्थ जीवन जीते हैं उन्हें चंदन की माला धारण करने से संबंधित कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।
- प्रणय संबंध बनाने से पहले माला को उतारकर सही स्थान पर रख दें बाद में स्नान करने के बाद ही इसे धारण करें।
- यदि किसी के अंतिम संस्कार में जाना हो तो भी पहले माला निकाल कर रख दें बाद में स्नानादि करने के पश्चात पुनः धारण करें।
- रात में सोते समय माला निकाल कर रख दें और प्रातः शुद्ध होकर धारण कर लें। इसके साथ ही हर पूर्णिमा को माला का शुद्धिकरण करके पुनः धारण करें।