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ज्योतिष: रत्नों को धारण करने से पहले जरूर जानिए कब और कैसे पहनें?
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 19 Nov 2020 07:03 AM IST
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राशि रत्न
- फोटो : social media
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ज्योतिष में नौ ग्रहों से संबंधित नवरत्नों को बारे में बताया गया है। ये नवरत्न ग्रहों के बुरे प्रभावो से आपको मुक्ति दिलाने के साथ आपका भाग्योदय भी करते हैं। जब कोई ग्रह आपकी कुंडली में अशुभ फल देता है तो ज्योतिष रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। हर रत्न के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। अगर रत्नों को जानकारी के अभाव में धारण किया जाए तो भाग्य वृद्धि होने की बजाय आपको परेशानियां भी हो सकती हैं। लोग रत्न धारण करते समय ग्रह और राशि का तो ध्यान रखते हैं, परंतु उसके वजन पर ध्यान नहीं देते हैं लेकिन रत्न किस धातु में और कितने वजन का धारण किया गया है, उसके अनुसार भी फल देता है, इसलिए रत्न धारण करते समय आपको इस बात की जानकारी होना भी आवश्यक है। जानते हैं कौन सा रत्न कितने वजन का होना चाहिए और उसे किस धातु में धारण करना चाहिए।
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Sunrise ruby Diamond
- फोटो : Daily Express
अगर आपको माणिक्य रत्न धारण करना है तो यह कम से कम 3 रत्ती से ऊपर होना चाहिए। इससे नीचे के वजन का रत्न फलदायक नहीं रहता है। इसे सोने की अंगूठी में जड़वाया जाता है। लेकिन यह भी ध्यान रखें की अंगूठी का वजन भी 5 रत्ती से कम न हो। माणिक्य रत्न को जड़वाने के पश्चात इसका प्रभाव चार सालों तक रहता है। इसके बाद इसे बदल देना चाहिए।
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मोती
- फोटो : अमर उजाला
मोती रत्न का संबंध चंद्र ग्रह से होता है। मोती धारण करते समय सही से जांच अवश्य कर लें। मोती रत्न को ज्यादातर चांदी की अंगूठी में धारण किया जाता है। आप सोने की अंगूठी में भी मोती धारण कर सकते हैं। अंगूठी में 4 रत्ती का मोती धारण करना उत्तम रहता है। अगर आप चांदी की अंगूठी में रत्न धारण कर रहे हैं तो इसका भी वजन चार रत्ती से कम न हो।
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moonga
- फोटो : pinterst
मूंगा रत्न मंगल ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए धारण किया जाता है। मूंगा को सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण करना चाहिए। रत्न का वजन कम से कम 8 रत्ती और अंगूठी का वजन 6 रत्ती तो होना ही चाहिए। इससे ऊपर आप कितने भी वजन की अंगूठी ले सकते हैं। मूंगा रत्न धारण करने के तीन वर्षों तक प्रभावशाली रहता है। इसके बाद नया मूंगा धारण करें।
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panna stone
- फोटो : amarujala
पन्ना रत्न बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। पन्ना रत्न सोने की अंगूठी में धारण करना चाहिए। पन्ना को 3 रत्ती से ऊपर ही धारण करना चाहिए, क्योंकि पन्ना 3 रत्ती से कम होने पर बहुत ही कम प्रभावशाली होता है। अगर आप 3 से 6 रत्ती का पन्ना धारण करते हैं तो यह मध्यम प्रभावशाली रहता है। 6 रत्ती से ऊपर का पन्ना अधिक प्रभावशाली माना जाता है। अंगूठी मे जड़वाने के बाद यह तीन वर्षों तक फल प्रदान करता है।
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