फलित ज्योतिष में जीवजगत की सृष्टि एवं आत्मा के कारक ग्रह सूर्यदेव 16 नवंबर की सुबह 6 बजकर 51 मिनट पर तुला राशि की यात्रा समाप्त करके अपने मित्र मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश कर रहे हैं । इसी के साथ इनका नीचराशि गोचर योग भी भंग हो जाएगा। इस राशि पर ये 15 दिसंबर तक विद्यमान रहेंगे, उसके बाद धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जन्मकुंडली में फलादेश करते समय सूर्य की भागवत स्थिति सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहती है। ये सिंह राशि के स्वामी हैं। मेष राशि इनकी उच्चराशिगत संज्ञक तथा तुला राशि नीच राशिगत संज्ञक मानी गई है। इनके राशि परिवर्तन का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश, किन राशियों के लिए होंगे शुभ
मेष राशि-
राशि से अष्टमभाव में सूर्य का गोचर मिलाजुला फल प्रदान करेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ प्रतिकूल रहेगा, अग्नि विष तथा दवाओं के रिएक्शन से बचें। कार्यक्षेत्र में आपका प्रभुत्व रहेगा किन्तु, षड्यंत्र का शिकार होने से बचें।लिए गए निर्णय तथा किए गए कार्यों की सराहना भी होगी। शासन सत्ता का भरपूर सहयोग मिलेगा फिर भी कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं तो बेहतर रहेगा।
वृषभ राशि-
राशि से सप्तमभाव में सूर्य का गोचर दांपत्य जीवन के लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता इसलिए आपस में स्नेह बनाए रखें किसी भी तरह के छोटे-मोटे विवाद को बढ़ने ना दें। विवाह संबंधी वार्ता में भी थोड़ा विलंब हो सकता है। व्यापारियों के लिए समय अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा नए व्यापार आरंभ करने अथवा अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की दृष्टि से समय अनुकूल। सरकारी विभागों में कार्यो का निपटारा होगा।
मिथुन राशि-
राशि से छठे शत्रुभाव में सूर्य का गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। साहस और पराक्रम के वृद्धि होगी।नौकरी में पदोन्नति के योग। सरकारी नौकरी में भी आवेदन करना चाहें तो अवसर अनुकूल रहेगा। शत्रु परास्त होंगे कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को सफलता के लिए और कठिन परिश्रम करना पड़ेगा।
कर्क राशि-
राशि से पंचम भाव में सूर्य का गोचर शोध एवं आविष्कारक कार्यों में अत्यधिक सफलता दिलाएगा। छोटे स्तर से कार्य करके भी आप बड़ी सफलता पाएंगे। कोई भी नया कार्य आरंभ करना चाह रहे हो तो अनुकूल है। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति अथवा प्रादुर्भाव के भी योग। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी। परिवार की वरिष्ठ सदस्यों एवं भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें।