सूर्यदेव 17 अक्टूबर की मध्यरात्रि 01 बजकर 01 मिनट पर अपने शत्रु शुक्र की राशि तुला में नीचराशि संज्ञक होकर प्रवेश रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में फलितवेत्ता इन्हें आत्मा का कारक मानते हैं और इन्हें तथा चन्द्र को प्रत्यक्ष देवता कहा गया है क्योंकि ये दोनों दूर होते हुए भी सभी जनमानस को दिखाई देते हैं। इनका राशि परिवर्तन जातकों पर सीधे प्रभाव डालता है। सभी 12 राशियों पर इनका नीचराशिगत होना कैसा प्रभाव डालेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
17 अक्तूबर को सूर्य का तुला राशि में प्रवेश, जानें 12 राशियों पर शुभ-अशुुभ असर
पं जयगोविन्द शास्त्री
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 18 Oct 2019 08:28 AM IST
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