Shardiya Navratri 2025: आपकी कुंडली के किस ग्रह पर है किस देवी का नियंत्रण? जानें नौ दिनों का ज्योतिषीय महत्व
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का गहरा ज्योतिषीय महत्व है। प्रत्येक देवी एक विशेष ग्रह को नियंत्रित करती हैं। इन नौ दिनों में सही विधि से पूजा करके आप अपनी कुंडली के अशुभ ग्रहों को शांत कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
चंद्रमा ग्रह के लिए पूजा
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जिनका संबंध चंद्रमा से है। उनकी पूजा करने से कुंडली में चंद्र दोष समाप्त होता है और मानसिक शांति मिलती है।
मंगल ग्रह का उपाय
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है, जो मंगल ग्रह को नियंत्रित करती हैं। उनकी उपासना से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और क्रोध पर नियंत्रण रहता है।
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शुक्र ग्रह की शांति
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है, जो शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनकी पूजा से शुक्र मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
सूर्य ग्रह की शांति
चौथे दिन मां कुष्मांडा की आराधना की जाती है, जो ग्रहों के राजा सूर्य को दिशा और ऊर्जा प्रदान करती हैं। उनकी पूजा से सूर्य से जुड़े दोष दूर होते हैं और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
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बुध ग्रह के लिए पूजा
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है, जिनका संबंध बुध ग्रह से है। उनकी कृपा से बुध ग्रह से जुड़ी समस्याएं, जैसे वाणी दोष, दूर होती हैं।
बृहस्पति ग्रह के लिए उपाय
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है, जो बृहस्पति ग्रह को नियंत्रित करती हैं। उनकी पूजा से विवाह में आ रही बाधाएं और बृहस्पति के दोष दूर होते हैं।
शनि ग्रह के लिए पूजा
सातवें दिन मां कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती हैं। उनकी पूजा से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से राहत मिलती है।
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है, जो राहु ग्रह के दुष्प्रभावों को शांत करती हैं। उनकी उपासना से जीवन में अचानक आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
केतु के प्रभाव से मुक्ति
नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो केतु ग्रह के अशुभ प्रभाव से बचाती हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और केतु से होने वाले आकस्मिक नुकसान से बचाव होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।