शरद पूर्णिमा को चन्द्रोत्सव पर्व भी कहते हैं। परमेश्वर श्रीशिव के मस्तक पर विराजमान और चराचर जगत में सभी जीवों के मनःस्वामी चंद्रमा, वैभव तथा धन की देवी श्रीमहालक्ष्मी की पूजा आराधना का दिन शरद पूर्णिमा 30 अक्टूबर को अश्विनी नक्षत्र में मनाया जाएगा जो अतिशुभ फलदायक सिद्ध होगा। अश्विनी नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 55 मिनट से आरंभ होकर 31 अक्टूबर को शायं 5 बजकर 54 मिनट तक विद्यमान रहेगा। अमृततुल्य फल प्रदान करने वाले अश्विनी नक्षत्र में पूजा-आराधना करके लिया जाने वाला प्रसाद भी औषधिरूप में कार्य करते हुए शरीर को आरोग्य बनाए रखने में मदद करता है। पूर्ण कलाओं के साथ गोचर करते हुए चंद्रमा की पूजा तथा उनके किस मंत्र का जाप करके अलग-अलग राशि वाले जातक कैसे लाभान्वित हो सकते हैं इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
Sharad Purnima 2020: शरद पूर्णिमा का अद्भुत संयोग, राशिनुसार जानें उपाय और मंत्र जो आपके लिए रहेगा शुभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष राशि
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा आपकी राशि पर ही विद्यमान रहेंगे अतः रात्रि में स्नान ध्यान करके खुले आसमान में अथवा अपने छत पर शुद्ध आसन पर बैठकर रक्षा दीप जलाएं। गणेश जी को नमस्कार करें और रात्रि में ॐ सों सोमाय नमः। मंत्र का 21 माला जप करें। ऐसा करने से जन्म कुंडली में चंद्र जनित दोषों से मुक्ति मिलेगी।
वृषभ राशि
शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा आपकी राशि से बारहवें भाव में विद्यमान रहेंगे किंतु, बहुत अशुभ फल नहीं देंगे। अपने संकल्प सिद्धि के लिए इस पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा के साथ-साथ माता श्री महालक्ष्मी की भी आराधना करते हुए ॐ श्रीमते नमः। मंत्र की 21 माला का जाप करने से हानि भाव के चंद्र जनित दोषों से मुक्ति मिलेगी।
मिथुन राशि
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा आपकी राशि से लाभभाव में गोचर करेंगे अतः यह दिन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। चंद्रमा की शुभता में और वृद्धि तथा कार्य व्यापार में सफलता प्राप्ति के लिए पूर्णिमा की रात्रि में ॐ चन्द्रमसे नमः। मंत्र का 21 माला जप करने से सभी कार्य बाधाएं दूर होंगी और रुके हुए कार्यों का भी निपटारा होगा।
आपके राशि स्वामी चंद्रमा इस दिन कर्मभाव में विद्यमान रहेंगे। इनकी प्रसन्नता से पद और गरिमा की वृद्धि होगी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। आपके द्वारा जो भी कार्य किया जाएगा वो निर्बाध संपन्न होगा। चंद्रमा की प्रसन्नता और स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति के लिए रात्रि में ॐ चन्द्राय नमः। मंत्र। का जप11 माला करना और शुभ रहेगा।