महान ग्रह शनि देव 29 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर मकर राशि की यात्रा समाप्त करके कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। अपनी इस यात्रा के मध्य ये 4 जून को रात्रि 3 बजकर 12 मिनट पर वक्री होंगे और 12 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर पुनः मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसी के साथ धनु राशि की साढ़ेसाती कुछ दिनों के लिए समाप्त हो जाएगी और मीन राशि के लिए साढ़ेसाती का आरंभ हो जाएगा। अपनी ही राशि में गोचर करते हुए शनि देव बहुत ज्यादा दुष्प्रभावी नहीं रहेंगे किंतु यदि आपके कर्म अच्छे नहीं है तो फिर ये छोड़ेंगे भी नहीं। इनके राशि परिवर्तन का अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
शनि का राशि परिवर्तन: आज शनि करेंगे कुंभ राशि में प्रवेश, जानिए सभी 12 राशियों पर असर
मेष राशि
राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए महान ग्रह शनिदेव आपके लिए बेहतरीन सफलता दिलाएंगे। आय के साधन तो बढ़ेंगे ही नए कार्य व्यापार भी आरंभ होंगे। सोची-समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होगी। अपनी ऊर्जाशक्ति का पूर्ण उपयोग करते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों अथवा बड़े भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें। इन सबके बावजूद संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है। प्रेम संबंधी मामलों में भी उदासीनता रहेगी।
वृषभ राशि
राशि से दशम कर्मभाव में गोचर करते हुए शनिदेव का प्रभाव कई तरह के अप्रत्याशित परिणामों का सामना करवाएगा। नौकरी में पदोन्नति तथा मान-सम्मान की वृद्धि होगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। राजनीतिज्ञों से भी मेलजोल बढ़ेगा। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। शासनसत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी शनि का प्रभाव अनुकूल रहेगा। योजनाएं गोपनीय रखते हुए आगे बढ़ें।
मिथुन राशि
राशि से नवम भाग्यभाव में गोचर करते हुए शनिदेव का प्रभाव मिलाजुला रहेगा यद्यपि भाग्य वृद्धि भी होगी,नए लोगों से मेलजोल भी बढ़ेगा किंतु कार्य पूर्ण होने में थोड़ी बाधाएं जरूर आएंगी फिर भी अंततः आप सफल रहेंगे। वैवाहिक वार्ता में थोड़ा और विलंब होगा। धर्म और अध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। आपके द्वारा लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना भी होगी। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे।
कर्क राशि
राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए शनिदेव का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जाएगा इसलिए स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। अपने द्वारा किए गए कर्मों और लिए गए निर्णयों की समीक्षा करते रहें। पैतृक संपत्ति से संबंधित मामलों का निपटारा होगा। परिवार में आपसी मतभेद गहरा सकता है इसे ग्रहयोग समझकर बढ़ने न दें। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। झगडे-विवाद तथा कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले भी ही बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी।