Shani Chandra Yuti 2025 : ग्रहों का समय-समय पर चाल बदलने के कारण कई तरह के शुभ योग भी बनते हैं और अशुभ योग भी। शुभ योग बनने पर व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, धन में वृद्धि और मानसिक शांति मिलती है, वहीं अशुभ योग बनने पर व्यक्ति के जीवन में परेशानियां बढ़ जाती हैं। 16 जुलाई को चंद्रमा के मीन राशि में गोचर करने से विष योग का निर्माण होगा, क्योंकि मीन राशि में पहले ही शनिदेव विराजमान हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा और शनि की युति से विष योग बनता हैं। आपको बता दें कि इसके पहले चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग बना था, इसे भी अशुभ योग माना जाता है। 13 जुलाई लेकर 15 जुलाई तक चंद्रमा के कुंभ राशि में गोचर करने के कारण ग्रहण योग बना था। अब इसके बाद चंद्रमा और शनि की युति मीन राशि में होने से विष योग बनेगा। ज्योतिष में ग्रहण और विष योग को अशुभ माना जाता है। इसके दुष्प्रभावों के कारण कई जातकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्य में तरह-तरह की बाधाएं आती हैं। आइए जानते हैं विष योग बनने के कारण किन-किन राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत है।
Shani Chandra Yuti 2025: शनि-चंद्र की युति से बनेगा खतरनाक विष योग, इन राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:56 PM IST
सार
16 जुलाई को चंद्रमा के मीन राशि में गोचर करने से विष योग का निर्माण होगा, क्योंकि मीन राशि में पहले ही शनिदेव विराजमान हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा और शनि की युति से विष योग बनता है।
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