Wedding Invitation Card: शादी हर व्यक्ति के जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। जैसे ही शादी तय होती है, पूरे परिवार में उत्साह की एक लहर दौड़ जाती है। सभी चाहते हैं कि शादी का आयोजन बिना किसी रुकावट और धूम-धाम से संपन्न हो। शादी की सजावट, खानपान और अन्य तैयारियों पर ध्यान देने के साथ शादी का न्योता देना भी एक विशेष कार्य माना जाता है।
Wedding Invitation: सबसे पहले किन्हें देना चाहिए शादी का निमंत्रण कार्ड? जानें क्या कहते हैं नियम
अक्सर लोग निमंत्रण कार्ड देने को एक सामान्य प्रक्रिया मान लेते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे विशेष महत्व दिया गया है। आइए जानते हैं सबसे पहले शादी का निमंत्रण किन्हें देना चाहिए।
सबसे पहले भगवान गणेश को करें आमंत्रित
शास्त्रों के अनुसार किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से होती है। शादी का पहला निमंत्रण पत्र भी उन्हें ही अर्पित किया जाना चाहिए। आप यह कार्ड उनके मंदिर में जाकर चढ़ा सकते हैं या घर के पूजा स्थल पर उनके सामने रख सकते हैं।
दूसरा कार्ड विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी को
समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त करने के लिए दूसरा निमंत्रण भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को देना चाहिए। ये दोनों देवता जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। उनका आशीर्वाद वैवाहिक जीवन को स्थिरता और सम्पन्नता देता है।
तीसरा निमंत्रण बजरंगबली को
शक्ति और सुरक्षा देने वाले भगवान हनुमान को तीसरा कार्ड देना चाहिए। माना जाता है ऐसा करने से विवाह आयोजन के दौरान किसी नकारात्मक शक्ति या विघ्न का असर नहीं होता और पूरा कार्यक्रम शांति से पूरा होता है।
कुलदेवता और कुलदेवी को चौथा निमंत्रण
हर परिवार के अपने कुलदेवता या कुलदेवी होते हैं, जिनकी पूजा परिवार की परंपरा का हिस्सा होती है। शादी का चौथा कार्ड उन्हें समर्पित करना चाहिए और घर के मंदिर में रखकर आशीर्वाद लेना चाहिए। उनके बिना कोई भी मांगलिक कार्य पूर्ण नहीं होता।
पांचवां कार्ड अपने पूर्वजों यानी पितरों को अर्पित करना चाहिए। यह कार्य पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर किया जाता है। इस दौरान प्रार्थना करें कि वे नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दें। पितरों की कृपा से परिवार में शांति और सुख बना रहता है।
Vat Savitri 2025: पहली बार रखने जा रहीं हैं वट सावित्री व्रत, तो इन नियम का रखें ख्याल
Rudraksha: क्या महिलाएं भी धारण कर सकती हैं रुद्राक्ष ? जानें क्या है शास्त्रों में इसके नियम
मामा को दें छठा निमंत्रण
हिंदू संस्कृति में मामा का स्थान विशेष माना जाता है। विवाह समारोह में मामा की भागीदारी विशेष मानी जाती है। जब बहन अपने भाई के घर भात का न्योता लेकर जाती है, तो शादी का पहला पारिवारिक निमंत्रण उसे ही देना चाहिए। इससे पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं और आयोजन में सहयोग बना रहता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।