लगभग 18 महीने के बाद राहु मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां ये अप्रैल 2022 तक विराजमान रहेंगे उसके बाद मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। राहु और केतु हमेशा उल्टी गति से चलते हैं इसलिए यह कर्क राशि में जाने की बजाय पीछे चलकर वृषभ राशि में आ रहे हैं। यह राशि इनके गुरु, शुक्र की राशि है इस राशि में भी राहु सर्वाधिक बलवान होते है।
23 सितंबर को राहु करेंगे वृषभ राशि में प्रवेश, जानिए कुंडली में इसका शुभ-अशुभ प्रभाव
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विभिन्न भाव में राहु का प्रभाव
प्रथम भाव में राहु- जिन जातकों की जन्म कुंडलियों में राहु लग्न में स्थित हों, ऐसे लोग सूक्ष्म बुद्धि वाले, दूसरों पर शक करने वाले, जासूसी मस्तिष्क के मालिक तथा आज का कार्य कल पर छोड़ने वाले होते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से अस्थमा, पेट तथा वायु विकार होने की संभावना सर्वाधिक रहती है। लग्न भाव में राहु की अच्छी स्थिति के परिणामस्वरूप जातक अपने साहस और पराक्रम से कामयाबियों के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचता है।
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धन भाव में राहु- इस भाव में राहु की स्थिति भौतिक उपलब्धियों को पूर्ण करने में मदद करती है। मकान तथा वाहन के सुख अवश्य मिलते हैं। ऐसे व्यक्तियों के जीवन में आकस्मिक धन प्राप्ति के योग भी रहते हैं। ऐसे जातक छोटा कार्य व्यापार आरंभ करके सफलताओं के शिखर तक पहुंचते हैं। वाणी दोष के कारण यह भी संभावना बनी रहती है की बोलने में कुछ-कुछ रुकावट आती रहे। परिवार में एकता बनाए रखने के लिए बड़े त्याग करने पड़ते हैं।
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तीसरे भाव में राहु- जिनकी जन्मकुंडली में लग्न से तीसरे भाव में राहु रहते हैं उनके लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने का जिम्मा स्वयं राहु ले लेते हैं और उसमें अदम्य साहस तथा पराक्रम की वृद्धि करते रहते हैं। ऐसे व्यक्तियों को बाहुबली की संज्ञा दी जाती है जो सर्वसमर्थ रहते हैं और अपने शौर्य की गाथा मनवाने में दूसरों को मजबूर कर देते हैं। भाई बहनों के स्नेह के लिए ये उतने अच्छे नहीं रहते।
चतुर्थ भाव में राहु- किसी भी जातक की जन्म कुंडली में यदि राहु चतुर्थ भाव में हो तो उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि हमें जीवन में काफी प्रायश्चित करना पड़ेगा। ऐसे व्यक्ति के मन में हमेशा कुछ न कुछ मंथन चलता ही रहता है जिसके परिणाम स्वरुप उन्हें मानसिक अशांति रहती है। राहु की अच्छी स्थिति जातक को रंक से राजा बना सकती है किंतु माता-पिता के सुख की अल्पता रहती है किसी न किसी कारण से ऐसे लोग घर परिवार से दूर ही रहते हैं।