फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

राशि परिवर्तन: 18 महीने बाद बदल रही है केतु की चाल, जानिए कुंडली पर इसका प्रभाव

Thu, 03 Sep 2020 11:16 AM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य
पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 03 Sep 2020 11:16 AM IST
विज्ञापन
rahu ketu transit 2020 ketu in kundli impact on life
राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2020

फलित ज्योतिष में छाया ग्रहों के प्रभाव का सर्वाधिक महत्व है क्योंकि, जन्मकुंडली में छाया ग्रहों की स्थिति के ही अनुसार मनुष्य को अपने आंतरिक भाव का बोध हो सकता है जिसके फलस्वरूप मनुष्य अपना जीवन यापन अधिक अर्थपूर्ण कर सकता है। केतु को रहस्यमयी कांति कथा गौरवशाली ज्योति किरण कहा गया है। अनेकों फलित ग्रंथों में कहा गया है कि मंगल, राहु, शनि, केतु तथा सूर्य पहाड़ों एवं जंगलों में घूमाते हैं इसका तात्पर्य यह है कि इन ग्रहों का दीक्षा संस्कार से संबंध बतलाना है। केतु का पर्यायवाची शब्द ध्वजा तथा शिखी है ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि केतु के प्रभाव से जातक दीक्षा की परीक्षा ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति एवं आत्मबोध में सफल होता है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में केतु जिस भाव में रहते हैं उस ग्रह के स्वामी के अनुसार फल देते हैं अथवा जिस ग्रह के साथ रहते हैं उस ग्रह के प्रभाव में वृद्धि करते हैं। यदि ग्रह शुभ हैं तो शुभता में और ग्रह अशुभ है तो अशुभता में वृद्धि करेंगे। छाया ग्रहों का यही प्रभाव रहता है। जन्म कुंडली के अनुसार आपके संपूर्ण जीवन में केतु का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।



ग्रहों का आपकी बीमारी से कनेक्शन, जानें किस ग्रह का किस बीमारी से है संबंध, ऐसे बचें

rahu ketu transit 2020 ketu in kundli impact on life
rahu ketu

प्रथम भाव में केतु - जिन जातकों की जन्म कुंडलियों में केतु प्रथम भाव अर्थात लग्न में रहते हैं उनके चेहरे पर अलग तरह की आभा रहती है। अपने तेज और प्रभाव के द्वारा ऐसे लोग अलग से पहचाने जाते हैं किंतु संभव है चेहरे पर किसी तरह का निशान भी हो। ऐसे लोग विषम परिस्थितियों में भी अपना विकास कर लेते हैं।

इस महीने राहु समेत सात ग्रह बदलेंगे अपनी चाल, पांच राशियों के लिए शुभ संकेत

rahu ketu transit 2020 ketu in kundli impact on life
राहु-केतु राशि परिवर्तन

द्वितीय भाव में केतु- किसी भी व्यक्ति की जन्मकुंडली में यदि केतु लग्न से दूसरे भाव में हों तो ऐसा व्यक्ति गूढ़ विद्याओं का ज्ञाता होता है किंतु कहीं न कहीं धन के अभाव में उसे कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को आंख, कान अथवा गले संबंधी रोग भी हो सकता है। आकस्मिक धन प्राप्ति की भी योग रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
rahu ketu transit 2020 ketu in kundli impact on life
rahu ketu - फोटो : rahu ketu

तृतीय भाव में केतु- जिन जातकों की जन्मकुंडलियों में केतु लग्न कुंडली से तीसरे पराक्रम भाव में रहते हैं उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। हमेशा उनके साहस एवं ऊर्जा की वृद्धि करेंगे तथा निर्णय लेने की शीघ्र क्षमता प्रदान करेंगे। जातक को स्वावलंबी, महत्वाकांक्षी और दृढ़ संकल्प वाला बनाएंगे। भाइयों से मतभेद हो सकता है।

विज्ञापन
rahu ketu transit 2020 ketu in kundli impact on life
राहु और केतु
चतुर्थ भाव में केतु- जिनकी जन्मकुंडली में केतु चतुर्थ भाव में बैठे हों उसे मानसिक अशांति देते हैं। माता-पिता से भी दूर रखने की कोशिश में लगे रहते हैं। अपने कुशल नेतृत्व और गुरु ज्ञान के बल पर ऐसे लोग सराहनीय कार्य करते हुए समाज में पद प्रतिष्ठा भी हासिल करते हैं। कार्य व्यापार में भी नए-नए प्रयोगों का जन्म देने की प्रेरणा देते हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed