देवगुरु बृहस्पति 29 जुलाई की प्रातः 4 बजकर 9 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि मीन की यात्रा करते हुए वक्री हो रहे हैं। वक्री अवस्था में ही यात्रा करते हुए ये 24 नवंबर की प्रातः 4 बजकर 27 मिनट पर पुनः मार्गी होंगे। इनका वक्री होना सामान्यतः महंगाई बढ़ाने में मदद करता है। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति कर्क राशि में उच्चराशि तथा मकर राशि में नीचराशि गत संज्ञक माने गए हैं। इनके वक्री होने का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
Jupiter Retrograde 2022 : बृहस्पति ग्रह 29 जुलाई से चलेंगे उल्टी चाल, जानिए सभी 12 राशियों पर कैसा होगा असर ?
मेष राशि-
राशि से बारहवें व्ययभाव में वक्री बृहस्पति का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। अत्यधिक भागदौड़ और खर्च का सामना तो करना पड़ेगा किंतु मान सम्मान तथा सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धार्मिक कार्यों पर खर्च होगा। शादी विवाह से संबंधित वार्ता में थोड़ा और समय लगेगा। परिवार में मांगलिक कार्यों का शुभ अवसर आएगा। इस अवधि के मध्य विदेशी कंपनियों में सर्विस या नागरिकता के लिए प्रयास करना चाहें तो कुछ परेशानियों के बाद उसमें सफल रहेंगे।
वृषभ राशि-
राशि से एकादश लाभ भाव में वक्री बृहस्पति का प्रभाव काफी मिलाजुला किंतु सकारात्मक रहेगा। आय के साधन बढ़ते रहेंगे रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में शामिल होने वाले छात्रों को आशातीत सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम विवाह भी करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें। कार्यक्षेत्र में भी उच्चाधिकारियों से संबंध बनाए रखें।
मिथुन राशि-
राशि से दशम कर्मभाव में गोचर करते हुए बृहस्पति कार्यक्षेत्र में कुछ तनाव देंगे। आपके स्वभाव में भी उग्रता ला सकते हैं इसलिए अपनी जिद और आवेश को नियंत्रित रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। नौकरी में पदोन्नति तथा सम्मान वृद्धि के योग। समाज के संभ्रांत लोगों से मेलजोल बढ़ेगा। नीचा दिखाने वाले लोग ही मदद के लिए आगे आएंगे। कोर्ट कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत।
कर्क राशि-
राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए वक्री बृहस्पति कई तरह के अप्रत्याशित परिणाम दिलाएंगे। धर्म और अध्यात्म के मामलों में वृद्धि होगी। अनाथालय तथा धार्मिक ट्रस्टों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य भी करेंगे। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए ये गोचर बेहद अनुकूल रहेगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा छोटे भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें।