पुराणों और शास्त्रों में चार सिद्ध रात्रि में से होलिका दहन वाली रात को भी सिद्ध रात्रि माना गया है। नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव से बचने के लिए होलिका दहन को सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिन किए गए प्रयोग से मनचाहा फल मिलता है। अपनी राशि के अनुसार होलिका दहन में लकड़ी जरूर अर्पित करनी चाहिए। फिर होलिका के सात फेरे लगाना चाहिए। आइए जानते हैं राशि अनुसार किस तरह की लकड़ियों का प्रयोग शुभ रहेगा।
Holi 2018: होलिका दहन में अपनी राशि अनुसार करें लकड़ी का प्रयोग
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मेष और वृश्चिक राशि के लोग होलिका दहन के समय खैर या फिर खदिर की लकड़ी का प्रयोग करना चाहिए।
वृष और तुला राशि वाले होलिका दहन वाले दिन गूलर की लकड़ी का प्रयोग कर सकते है।
मिथुन और कन्या राशि के लोगों के लिए उपामार्ग की लकड़ी का प्रयोग होलिका दहन में शुभ रहेगा।
धनु और मीन राशि के लोगों के लिए पीपल की लकड़ी होलिका दहन में डालने से शुभ परिणाम की प्राप्ति होगी।
मकर और कुंभ राशि वाले जातक इस होलिका दहन में शमी की लकड़ी का प्रयोग कर सकते हैं।
कर्क राशि वाले जातक पलाश की तो सिंह राशि वाले मदार की लकड़ी को होलिका में अर्पित करें।