Budh Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, संचार, शिक्षा और व्यापार का कारक माना जाता है। 29 जून 2026 से बुध ग्रह वक्री होने जा रहा है और 24 जुलाई तक इसी अवस्था में रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुध की वक्री चाल केवल चुनौतियां ही नहीं लाती, बल्कि कई लोगों के लिए पुराने अधूरे कामों को पूरा करने और जीवन को नई दिशा देने का अवसर भी लेकर आती है। इस अवधि को "सेकंड चांस" का समय कहा जा सकता है, जब अटके हुए कार्य दोबारा गति पकड़ सकते हैं।
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बुध वक्री 2026
- फोटो : Amar Ujala
क्यों खास माना जाता है बुध का वक्री होना?
जब बुध वक्री होता है तो व्यक्ति का ध्यान भविष्य की बजाय अतीत की ओर अधिक जाता है। पुराने निर्णयों की समीक्षा, अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की कोशिश और लंबे समय से रुके संवाद फिर से शुरू हो सकते हैं। इस दौरान कई लोगों को ऐसे अवसर मिलते हैं, जिनकी उम्मीद उन्होंने लगभग छोड़ दी होती है।
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पारिवारिक स्तर पर भी रिश्तों में सुधार देखने को मिल सकता है।
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मेष राशि
बुध की वक्री चाल मेष राशि के जातकों के लिए कई मामलों में राहत और नए अवसर लेकर आ सकती है। यदि आपका कोई भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है या किसी निवेश से लाभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो इस दौरान सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहेगी। करियर में पहले छूटे हुए अवसर दोबारा सामने आ सकते हैं। जिन लोगों ने किसी नौकरी, प्रोजेक्ट या व्यवसायिक योजना पर पहले काम किया था लेकिन सफलता नहीं मिली थी, उन्हें दूसरी बार बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। पुराने मित्रों, सहकर्मियों या व्यावसायिक संपर्कों से लाभ मिलने के योग बनेंगे। पारिवारिक स्तर पर भी रिश्तों में सुधार देखने को मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत होगी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
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सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए इस राशि पर बुध वक्री का प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण माना जाएगा। लंबे समय से जिन योजनाओं पर काम अटका हुआ था, उनमें दोबारा गति आने की संभावना है। यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य में बार-बार बाधाएं आ रही थीं, तो अब उनका समाधान निकल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और करियर में नई जिम्मेदारियां प्राप्त हो सकती हैं। छात्रों के लिए भी यह समय लाभकारी रह सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। किसी महत्वपूर्ण इच्छा की पूर्ति होने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक मामलों में भी लाभ और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है।
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कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे होने लगेंगे।
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कन्या राशि
कन्या राशि भी बुध के प्रभाव में रहती है, इसलिए बुध की वक्री चाल इस राशि के लिए विशेष फलदायी साबित हो सकती है। लंबे समय से चल रहे विवाद, कानूनी मामले या पारिवारिक मतभेद सुलझने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। आर्थिक दृष्टि से यह समय राहत देने वाला रहेगा। यदि किसी व्यक्ति पर कर्ज का बोझ है तो उसे कम करने या उससे मुक्ति पाने के अवसर मिल सकते हैं। रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य के मामले में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पुरानी बीमारियों में राहत मिलने की संभावना है। मानसिक तनाव, चिंता और असमंजस की स्थिति धीरे-धीरे समाप्त होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे होने लगेंगे। परिवार का सहयोग मिलने से आत्मबल बढ़ेगा।