हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ का महीना साल का तीसरा महीना माना जाता है जबकि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह जून का महीना कहलाया जाता है। जून के महीने में कई व्रत-त्योहार आते हैं इसके अलावा जून के महीने में पांच प्रमुख ग्रहों का चाल बदलेगी। महीने के शुरुआती दिनों यानी 02 जून को मंगल का राशि परिवर्तन हो चुका है। मंगल 2 जून को मिथुन से निकलकर अपनी नीच राशि कर्क में आ गए हैं। इसके बाद 03 जून को सभी ग्रहों में युवराज का दर्जा प्राप्त बुध वक्री चाल से चलते हुए मिथुन राशि को छोडकर वृष में चले जाएंगे। जून महीने के मध्य में ग्रहों के राजा सूर्य भी शत्रु राशि वृषभ को छोड़कर मिथुन राशि में एक महीने के लिए आ जाएंगे। सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा शुभ फल प्रदान करने वाले देवगुरु बृहस्पति शनि की राशि कुंभ में वक्री हो जाएं। अंत में सुख और वैभव प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे। जून माह में ग्रहों के परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा।
ग्रह नक्षत्रों की चाल: इस महीने सूर्य ग्रहण के साथ पांच ग्रहों को होगा राशि परिवर्तन, जानें राशियों पर प्रभाव
15 जून को सूर्य का राशि परिवर्तन मिथुन राशि में करने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य हर एक महीने में अपनी राशि बदलते हैं। सूर्य के राशि बदलकर मिथुन राशि में आने के कारण मेष, कन्या, सिंह और कुंभ राशि के जातकों के लिए शुभ समाचार प्राप्त होंगे।
मंगल का राशि परिवर्तन- 2 जून
पृथ्वी पुत्र मंगल आज यानी 2 जून को सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं। कर्क राशि मंगल ग्रह की नीच राशि मानी जाती है। मंगलदेव कर्क राशि में 20 जुलाई तक गोचर करेंगे फिर उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मंगल के नीच राशि में आने से कुछ राशि के जातकों को नुकसान होने का अंदेशा है। जिन राशि के जातकों मंगल के राशि परिवर्तन का असर सबसे ज्यादा पड़ेगा वे हैं-मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, धनु और मकर
बुध का राशि परिवर्तन- 3 जून
बुध 3 जून 2021 को अपने मित्र शुक्र की राशि वृष में प्रवेश करेंगे। इस राशि में बुध ग्रह 7 जुलाई 2021 तक स्थित रहेंगे। उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वृषभ राशि में राहु पहले से ही विराजमान हैं। इस प्रकार बुध के भी प्रवेश कर जाने से राहु के अशुभ प्रभाव में कमी आएगी। बुध देव मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। बुध के राशि परिवर्तन से कन्या, धनु और मकर राशि के जातकों को फायदा मिलेगा।