फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Om Chanting: 'ॐ' का जाप करने से होते हैं चमत्कारिक फायदे, यहां जाने जाप की पूरी विधि

Fri, 26 Nov 2021 07:19 AM IST
शशि सिंह ज्योतष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतष डेस्क, अमर उजाला Published by: शशि सिंह Updated Fri, 26 Nov 2021 07:19 AM IST
सार

ऊं का उच्चारण अत्यंत प्रभावशाली और चमत्कारिक लाभ पहुंचाने वाला माना गया है। जानते हैं कि ऊं के उच्चारण से क्या होते हैं लाभ और क्या हैं इसके जाप की विधि। 

विज्ञापन
Om Meaning significance in Hinduism and Benefits of om Chanting and Om Jaap vidhi
ॐ की ध्वनि शाश्वत है (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

सनातन धर्म में ॐ को को बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। ॐ में का उच्चारण करते समय तीन अक्षरों की ध्वनि निकलती है। ये तीन अक्षर क्रमशः अ+उ+म् हैं। इसमें 'अ' वर्ण 'सृष्टि' का घोतक है 'उ' वर्ण 'स्थिति' दर्शाता है जबकि 'म्' 'लय' का सूचक है। इन तीनों अक्षरों में त्रिदेव यानी (ब्रह्मा,विष्णु,महेश) का साक्षात वास माना जाता है।  ॐ के जाप को अनिष्टों का समूल नाश करने वाला व सुख-समृद्धि प्रदायक माना गया है। ओंकार ब्रह्मनाद है, इसके उच्चारण व जाप से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है। किसी भी मंत्र में उच्चारण के आरंभ में ॐ अवश्य लगाया गया है। ॐ का उच्चारण अत्यंत प्रभावशाली और चमत्कारिक लाभ पहुंचाने वाला माना गया है। जानते हैं कि ॐ के उच्चारण से क्या होते हैं लाभ और क्या हैं इसके जाप की विधि। 



 ॐ जाप के फायदे-
  • ॐ का उच्चारण करने मात्र से ही शारीरिक और मानसिक रूप से शांति प्राप्त होती है। 
  • ॐ का उच्चारण और जाप करने से आसपास के वातावरण में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 
  • यदि सही प्रकार से पूर्ण ध्यान लगाकर ॐ का जाप किया जाए तो इससे आपको सकारात्मकता, शांति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। 
  • माना जाता है कि नियमित रूप से ॐ का जाप करने से एकाग्रता और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है।
  • नियमित तौर पर ॐ का उच्चारण व जाप करने से तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं से भी मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।
  • जब ॐ का उच्चारण करते हैं तो पूरे शरीर में कंपन सा होता है, जिससे आपके पूरे शरीर को लाभ पहुंचता है।
  • ॐ का उच्चारण करने से पेट व रक्तचाप से संबंधित समस्याओं में भी लाभ मिलता है।

ऊं के उच्चारण की विधि-
सनातन धर्म में पूजा पाठ व जाप आदि के लिए एक समय बताया गया है। इसी तरह से ॐ  का उच्चारण प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर करना चाहिए। ॐ का जाप करने के लिए एक शांत जगह का चुनाव करें, जहां पर आप पूरी तरह ध्यान लगा सकें। अब सुखासन मुद्रा में बैठकर मन में ॐ की आकृति का ध्यान लगाते हुए उच्चारण करना चाहिए। एक बार में कम से कम 108 बार ॐ का उच्चारण करना चाहिए। इसके बाद आप धीरे-धीरे उच्चारण की अवधि बढ़ा सकते हैं।


 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed