जिस तरह से ज्योतिषशास्त्र में राशि का महत्व होता है उसी प्रकार अंकशास्त्र में अंकों का विशेष स्थान होता है। जैसे नाम के अनुसार राशि होती है वैसे ही हर अंक के अनुसार अंक ज्योतिष में नंबर होते हैं। मूलांक से हर दिन के बारे में भविष्यफल जाना जा सकता है। मूलांक व्यक्ति कि जन्म की तारीख का योग है अर्थात जिस तारीख को आपका जन्म हुआ होगा उस तारीख का योग ही आपका मूलांक कहलाता है। जैसे जिनका जन्म 12 तारीख को हुआ है उनका मूलांक 3 होगा। (1+2=3)। इसी तरह अन्य मूलांक आपस में जोड़कर निकाले जा सकते हैं। आपके करियर, व्यवसाय, नौकरी, प्रेम और आपके जीवन की हर छोटी व बड़ी बात को, यह आपका स्वामी अंक आपके लिए तय करता है।
मानसिक रुप से परेशान रहेंगे। बनते कार्य अटक सकते हैं। व्यवसाय में लाभ कम होगा। नेत्र कष्ट संभव
सुख एवं आनन्द में वृद्धि होगी। उपहार सम्मान की प्राप्ति होगी। व्यवसाय में लाभ होगा। घर में आनन्द रहेगा।
योजना में निराशा होगी। मान एवं धन हानि संभावित है। व्यवसाय में मंदी रहेगी। स्वास्थ्य नरम रहेगा।
किसी इच्छा की पूर्ति होगी। संपत्ति में वृद्धि संभव है। राजनैतिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय में लाभ होगा।