प्रात: काल की बेला का समय बहुत अच्छा रहता है। इस समय हमारा मस्तिष्क बहुत ही संवेदनशील और शांत होता है। इसलिए पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए सुबह का समय ही सबसे शुभ माना जाता है। इस समय ग्रहण किया गया कोई भी विचार हमारे मस्तिष्क में स्मरण रहता है। यही कारण है कि पढ़ाई के लिए भी सुबह का समय सबसे सही माना गया है। प्रातःकाल यदि आपके कानों में अच्छी ध्वनि औ।र आंखों के सामने अच्छे दृश्य आते हैं तो आपका पूरा दिन सकारात्मक रहता है। ऐसे ही कुछ शुभ दर्शन और शुभ ध्वनियां बताई गई है जो बहुत ही शुभ रहती हैं। प्रातः काल इन चीजों का दर्शन और श्रवण होने से आपका दिन तो अच्छा जाता ही है आपका भाग्योदय भी होता है।
प्रातः काल इन चीजों को देखना और ये ध्वनि सुनना होता है बहुत शुभ, चमकता है आपका भाग्य
प्रातः काल मंदिर की घंटियों या शंख की आवाज सुनाई देना
यदि सुबह उठते ही सबसे पहले आपको कानों में शंख या मंदिर की घंटियों या आरती की आवाज सुनाई देती है तो यह बहुत ही शुभ रहता है। इससे आपके अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे आपका पूरा दिन अच्छा बीतता है।
मोर, हंस, नारियल, शंख आदि देखना
सुबह को सोकर उठने पर आपकी नजर के सामने कोई मोर, हंस, शंख नारियल या फूल आ जाता है तो यह इस बात का संकेत है कि आपका पूरा दिन शुभ जाएगा। सुबह के समय ये सभी चीजे देखना बहुत शुभ रहता है।
सुबह को गाय के दर्शन या ध्वनि
गाय को बहुत ही पूजनीय माना गया है। गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसलिए सुबह के समय सबसे पहले गाय के दर्शन या गाय की आवाज सुनाई देवना बहुत ही शुभ माना जाता है। यह आपका पूरा दिन अच्छा जाने का संकेत है।
हथेली दर्शन
यदि आप सुबह उठकर प्रतिदिन सबसे पहले अपनी हथेलियों के दर्शन करते हैं तो यह बहुत ही शुभ रहता है। माना जाता है कि हमारी हथेली के अग्र भाग में लक्ष्मी जी , मध्य में ज्ञान की देवी सरस्वती और मूल भाग में सृष्टि के रचियता ब्रह्मा जी निवास करते हैं। इसके अलावा माना जाता है कि हमारे हाथों की लकीरों में ही हमारा भाग्य होता है। यदि आप सुबह उठकर प्रतिदिन सबसे पहले हथेली दर्शन करते हैं तो आपका भाग्योदय होता है।