ज्योतिष में नवग्रहों में से गुरु या बृहस्पति ग्रह का भी विशेष महत्व माना गया है। गुरू ग्रह का ज्योतिष महत्व होने के साथ ही धार्मिक महत्व भी माना गया है। गुरू ग्रह को बृहस्पतिदेव भी कहा जाता है। गुरू की शुभ स्थिति व्यक्ति को सफलता दिलाती है और दांपत्य जीवन भी सुखमय बनता है। । वैसे तो गुरू एक शुभ फल प्रदान करने वाला ग्रह है। लेकिन गुरू की कमजोर स्थिति के कारण व्यक्ति को विवाह संबंधी समस्याएं और दांपत्य जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसके साथ ही कार्यों में असफलता एवं धन संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं यदि कोई व्यक्ति यह कार्य करता है तो उसे अपने जीवन में परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। तो चलिए जानते हैं कि कमजोर बृहस्पति के कारण क्या होती हैं परेशानियां और बृहस्पतिवार को किन कार्यों को करने से बचना चाहिए।
गुरुवार को ये कार्य करने से बृहस्पतिदेव होते हैं रुष्ट, आती हैं धन, विवाह और सफलता में बाधा
बृहस्पतिवार के दिन सिर धोना, भारी कपड़े धोना, फेशियल करना, नाखून काटना, बाल कटवाना, शेविंग करवाना, शरीर के बालों को साफ करना, आदि सभी कार्य वर्जित माने गए हैं इसलिए इस दिन ये कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए।
बृहस्पतिवार के दिन नित्य साफ-सफाई के अलावा विशेष सफाई जैसे मकड़ी के जाले साफ करना, उन कोनों की सफाई करना जिन कोनों की रोज सफाई नहीं की जाती, घर की धुलाई या फिर गोबर, पीली मिट्टी लगाना आदि कार्य नहीं करना चाहिए। इससे आपके घर की सुख-समृद्धि प्रभावित होती है माना जाता है कि इससे आपको धन हानि का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा बृहस्पतिवार को घर से कबाड़ आदि भी बाहर नहीं निकालना चाहिए।
मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन महिलाओं को बाल नहीं धोना चाहिए। माना जाता है कि इससे पति और संतान की उन्नति में बाधा आती हैं।
यदि किसी की कुंडली में गुरू कमजोर हो तो जातक का मन धार्मिक कार्यों से हटने लगता है। बच्चों की पढ़ाई में मन नहीं लगता है।
कमजोर बृहस्पति के कारण विवाह में बाधाएं आने लगती हैं। इसके अलावा जो लोग शादी-शुदा हैं उन्हें कमजोर बृहस्पति के कारण दांपत्य जीवन में तनाव का सामना करना पड़ता हैैं।