ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। धर्म शास्त्रों में सूर्य के समान चंद्रमा की भी प्रतिष्ठा मानी गई है। चंद्रमा शुभ फल प्रदान करने वाले ग्रहों में से हैं, इनकी मजबूत या कमजोर स्थिति सीधे व्यक्ति के मन को प्रभावित करती है। यदि चंद्रमा की स्थिति कमजोर होत तो व्यक्ति का मनोबल कमजोर होने लगता है वह मानसिक अवरोधों से ग्रस्त हो सकता है। जिससे व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार उत्पन्न होने लगते हैं। जो लोग बहुत भावुक होते हैं उनपर चंद्रमा की कमजोर स्थिति का बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है। चंद्रमा को मजबूत बनाने और मानसिक विकारो को दूर करने के लिए चंद्रमा के मंत्र का जाप करना बहुत शुभफल दायी रहता है। तो चलिए जानते हैं चंद्रमा का मंत्र और विधि...
मन को प्रबल बनाने और मानसिक शांति प्राप्ति के लिए चंद्रमा के इस मंत्र का करें जाप
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चंद्रमा को मजबूत बनाने के लिए इस मंत्र का जाप ध्यान लगाकर करना चाहिए। इससे मानसिक शांति का अनुभव होने के साथ आपके आर्थिक और सामाजिक पक्ष को भी बल मिलता है। इस मंत्र के जाप से परिस्थितियों में तालमेल बैठाने के लिए व्यक्ति का मन प्रबल होता है। इसके साथ ही स्मरण शक्ति भी मजबूत होती है। ये मंत्र इस प्रकार से है।
श्वेतः श्वेताम्बरधरः श्वेताश्वः श्वेतवाहनः।
गदापाणि द्विर्बाहुश्च कर्तव्योः वरदः शशिः।।
इस मंत्र को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त और प्रदोषकाल में करना चाहिए इससे अधिक लाभ प्राप्त होता है।
इस मंत्र का जाप भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष ध्यान करना श्रेष्ठकर रहता है।
जिस दिन आपको मंत्र जाप करना हो उस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मंत्र का जाप करें।
यदि प्रतिदिन जाप नहीं कर सकते हैं तो सोमवार का दिन इसके लिए सही रहता है।
चंद्रमा के इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति प्राप्ति होती है जिससे आपको तनाव से छुटकारा मिलता है।
विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र बहुत लाभकारी है। जिन विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति कमजोर हो उन्हें इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे स्मरण शक्ति मजबूत होती है।