खींचतान के बीच आखिरकार पंकज सिंह का पलड़ा रहा भारी, महेश शर्मा के विरोधी खुश
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करीब दस दिन से नोएडा सीट पर दावेदारी को लेकर चली रही खींचतान रविवार को समाप्त हो गई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को लेकर चर्चाएं थीं।
दो विकल्प थे कि पंकज सिंह नोएडा से चुनाव लड़ेंगे या फिर साहिबाबाद से। आखिरकार नोएडा से ही चुनाव लड़ने का फैसला केंद्रीय चुनाव समिति ने किया है।
सूत्र बताते हैं कि गौतमबुद्ध नगर के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा मौजूदा विधायक विमला बाथम या फिर किसी अन्य को टिकट दिलाने की पैरोकारी कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
2009 में भी पंकज यहां से लड़ना चाहते थे चुनाव
दरअसल, जिले की लोकसभा सीट जब 2009 में बनी थी तो भी पंकज सिंह यहां से चुनाव लड़ना चाहते थे, उस वक्त टिकट डॉ. महेश शर्मा को ही मिला था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे।
2014 में जब लोकसभा का चुनाव आया तब भी पंकज सिंह ने यहां से टिकट मांगा था, लेकिन डॉ. महेश शर्मा को ही टिकट मिला और वह सांसद के साथ ही केंद्रीय मंत्री भी बने।
विधायक की सीट खाली होने पर नोएडा में उपचुनाव हुए तो भी पंकज सिंह का प्रयास असफल हुआ और विमला बाथम टिकट पाकर जीत गईं। 2017 के विधानसभा चुनाव में अबकी बार पंकज सिंह ने बाजी मार ही ली।
अब वीआईपी सीट का लगा तमगा
नोएडा सीट पर प्रत्याशी को लेकर कई दिनों से घमासान था। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठकों में फैसला नहीं हो पा रहा था। बताते हैं कि फिर यह मामला पीएम तक पहुंचा, वहां से हरी झंडी मिलते ही पंकज सिंह के नाम का ऐलान रविवार को कर दिया गया।
डॉ. महेश शर्मा के विरोधी खुश
सूत्र बताते हैं कि टिकट और स्थानीय राजनीति को लेकर कई सालों से खींचतान चल रही है। 8 साल पहले क्षेत्र में अशोक प्रधान ही बड़े नेता थे। वह यहां से चार बार सांसद भी चुने गए, लेकिन राजनीति में डॉ. महेश शर्मा जब भारी पड़े तो वह क्षेत्र की राजनीति से परेशान होकर 2014 में सपा में चले गए। पिछले दिनों ही उन्होंने भाजपा ज्वाइन की। बताते हैं कि पंकज सिंह को टिकट दिलाने में उन्होंने भी पैरवी की। डॉ. महेश शर्मा का विरोधी गुट पूरी तरह से अब पंकज सिंह के लिए काम करने में जुट गया है।
केंद्रीय चुनाव समिति ने नोएडा से पंकज सिंह को टिकट देकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। जो भी फैसला लिया गया है, वह मान्य है। पंकज सिंह को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए पूरी टीम मेहनत से जुटेगी। पंकज सिंह को लेकर किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं है।- डॉ. महेश शर्मा, गौतमबुद्धनगर के सांसद व केंद्रीय मंत्री