जम्मू-कश्मीर: रक्षाबंधन पर आसमान में दिखेगा पतंगबाजी का नजारा
पतंगबाजी की खरीदारी के लिए बाजार सज गए हैं। शहर के प्रमुख पक्का डंगा और दिवान मंदिर बाजार में पतंगों और डोर की भरमार है। रक्षाबंधन पर पतंगबाजी करने के लिए युवाओं से लेकर बड़ों में रहता है क्रेज। इस बार पतंग पांच रुपये से लेकर दो हजार तक बिक रही है।
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रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर पतंगबाजी के लिए युवाओं ने तैयारियां शुरू कर ली है। पूरे साल में इन दो खास दिनों पर पूरा शहर पतंगबाजी करने के लिए तैयार रहता है। इसमें बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के शौकीन शामिल होते हैं। इस साल महंगाई के चलते पतंगबाजी करने के शौकीनों को थोड़ी जेब ढीली भी करनी पड़ेगी।
पतंगबाजी की खरीदारी के लिए बाजार सज गए हैं। शहर के प्रमुख पक्का डंगा और दिवान मंदिर बाजार में पतंगों और डोर की भरमार है। इनमें बड़ी संख्या में लोग सीजनल पतंगों का व्यापार कर रहे हैं। दिवान मंदिर बाजार में पतंगों का कारोबार कर रहे अमित शर्मा ने बताया कि इस साल बाजार में पाकिस्तान डिजाइन की पतंगे भी उपलब्ध हैं।
इनमें गोल चकरी, प्रिंट, अमेरिका झंडे आदि से प्रदर्शित पतंगे हैं। कई पतंगबाजी के शौकीन विशाल पतंगों के लिए अलग से आर्डर दे रहे हैं। इनमें 5-6 फीट तक पतंगों का निर्माण किया जाता है। बाजार में कागज की पतंग 5 रुपये से लेकर 200 या इससे अधिक की कीमत तक उपलब्ध हैं। इसी तरह प्लास्टिक (मोमी कागज) की पतंग 5 से लेकर 25 या 30 रुपये तक उपलब्ध है। बच्चों के लिए चरखड़ी 50 रुपये से शुरू है। जबकि बड़ों के लिए 500 रुपये से लेकर 2000 या इससे अधिक कीमतों में उपलब्ध है। जम्मू में पंजाब और दिल्ली से ही अधिकतर पतंगें और डोर लाई जा रही हैं।
पारंपरिक पतंगे अभी भी पहली पसंद
पतंगबाजी के शौकीनों के लिए अभी भी पारंपरिक पतंगे पहली पसंद बनी हुई हैं। बाजार में पारंपरिक पतंगों में दरवाज गुड्डा, भूत, अख्खादार, दिलदार आदि की मांग है। ये पतंगे पिछले कई दशक से शौकीनों के लिए मुख्य पसंद रही हैं। इस साल चुनावी सरगर्मियां न होने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे बड़ी सियासी शख्सियत की पतंगे कम ही उपलब्ध हैं।
गुड्डी भरे उड़ान प्रतियोगिता 28 को
पर्यटन निदेशालय की ओर से पतंगबाजी के शौकीनों के लिए 28 अगस्त को पतंग उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें गुड्डी भरे उड़ान, नाम से तवी फ्रंट रिवर पार्कजम्मू में निर्धारित तिथि को सुबह 11 बजे से पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए निशुल्क एंट्री रखी गई है और इसमें अधिकतम 100 प्रतिभागियों को पहले आओ की तर्ज पर लिया जाएगा। प्रतिभागी को अपने साथ अपनी पतंग और डोर लेकर आना होगा। डोर में जिला मजिस्ट्रेट की ओर से प्रतिबंधित चाइनेज डोर (गट्टू नायलयन डोर) के इस्तेमाल पर रोक होगी।