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नेता-अधिकारी विवादः निगम कमिश्नर के खिलाफ उतरे महापौर परिषद के सदस्य, कैलाश विजयवर्गीय को लिखा पत्र
Tue, 13 Feb 2024 04:59 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 13 Feb 2024 04:59 PM IST
सार
Sarafa Chaupati Controversy: इंदौर की लोकप्रिय सराफा चाट चौपाटी के संचालन और सुरक्षा के लिए बनाई गई सात सदस्यीय समिति पर विवाद बढ़ गया है।
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हर्षिका सिंह, कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव।
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
इंदौर Indore नगर निगम कमिश्नर हर्षिका सिंह ias harshika singh के खिलाफ महापौर परिषद के सदस्यों ने पत्र लिखा है। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय kailash vijayvargiya को पत्र लिखकर निगम कमिश्नर के फैसले की आलोचना की है और फैसला वापस लेने की अपील की है।
क्या है मामला
सराफा चाट चौपाटी sarafa chaupati के संचालन के लिए निगमायुक्त द्वारा गठित समिति कामकाज शुरू करने से पहले ही विवाद में पड़ गई। महापौर परिषद के सदस्य और राजस्व विभाग प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने समिति का विरोध करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखा है।
इंदौर की सराफा चाट चौपाटी दुनियाभर में लोकप्रिय है। यह रात में लगती है और इसके संचालन और सुरक्षा के लिए हर्षिता सिंह ने सात सदस्यीय समिति गठित की थी। इस समिति में महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन, राकेश जैन, पार्षद मीता राठौर, भवन अधिकारी अनूप गोयल, फायर अधिकारी विनोद मिश्रा और सहायक यंत्री वैभव देवलासे को शामिल किया गया था। अब महापौर परिषद के सदस्य इस समिति के विरोध में उतर आए हैं। सदस्यों का कहना है कि निगमायुक्त को समिति गठित करने का अधिकार ही नहीं है। उन्होंने महापौर परिषद के अधिकारों का उल्लंघन कर समिति को गठित किया है। निगमायुक्त ने 8 फरवरी को समिति गठित की थी। इसके पहले ही समिति गठन को लेकर विवाद शुरू हो गया, समिति ने अब तक काम ही शुरू नहीं किया है।
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समिति में शामिल राजेंद्र राठौर ने ही किया विरोध
निगमायुक्त द्वारा समिति में शामिल किए गए एमआइसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने ही समिति का विरोध किया है। उन्होंने निगमायुक्त को पत्र लिखकर समिति गठन महापौर के माध्यम से करने की मांग की है। पत्र में कहा है कि सराफा बाजार में रात में लगने वाली चाट चौपाटी का संबंध मार्केट एवं स्वास्थ्य विभाग से है, बावजूद इसके राजस्व विभाग प्रभारी से कोई चर्चा नहीं की गई। मार्केट एवं स्वास्थ्य विभाग की राय और महापौर परिषद की जानकारी के बगैर इस समिति का गठन किया गया है। यह महापौर परिषद के अधिकारों का हनन है।
कैलाश विजयवर्गीय को भी लिखा पत्र
वहीं महापौर परिषद के सदस्य और राजस्व विभाग प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने समिति का विरोध करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखा है। चौहान ने समिति गठन के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव pushyamitra bhargav mayor की ओर से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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क्या है मामला
सराफा चाट चौपाटी sarafa chaupati के संचालन के लिए निगमायुक्त द्वारा गठित समिति कामकाज शुरू करने से पहले ही विवाद में पड़ गई। महापौर परिषद के सदस्य और राजस्व विभाग प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने समिति का विरोध करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखा है।
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इंदौर की सराफा चाट चौपाटी दुनियाभर में लोकप्रिय है। यह रात में लगती है और इसके संचालन और सुरक्षा के लिए हर्षिता सिंह ने सात सदस्यीय समिति गठित की थी। इस समिति में महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन, राकेश जैन, पार्षद मीता राठौर, भवन अधिकारी अनूप गोयल, फायर अधिकारी विनोद मिश्रा और सहायक यंत्री वैभव देवलासे को शामिल किया गया था। अब महापौर परिषद के सदस्य इस समिति के विरोध में उतर आए हैं। सदस्यों का कहना है कि निगमायुक्त को समिति गठित करने का अधिकार ही नहीं है। उन्होंने महापौर परिषद के अधिकारों का उल्लंघन कर समिति को गठित किया है। निगमायुक्त ने 8 फरवरी को समिति गठित की थी। इसके पहले ही समिति गठन को लेकर विवाद शुरू हो गया, समिति ने अब तक काम ही शुरू नहीं किया है।
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समिति में शामिल राजेंद्र राठौर ने ही किया विरोध
निगमायुक्त द्वारा समिति में शामिल किए गए एमआइसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने ही समिति का विरोध किया है। उन्होंने निगमायुक्त को पत्र लिखकर समिति गठन महापौर के माध्यम से करने की मांग की है। पत्र में कहा है कि सराफा बाजार में रात में लगने वाली चाट चौपाटी का संबंध मार्केट एवं स्वास्थ्य विभाग से है, बावजूद इसके राजस्व विभाग प्रभारी से कोई चर्चा नहीं की गई। मार्केट एवं स्वास्थ्य विभाग की राय और महापौर परिषद की जानकारी के बगैर इस समिति का गठन किया गया है। यह महापौर परिषद के अधिकारों का हनन है।
कैलाश विजयवर्गीय को भी लिखा पत्र
वहीं महापौर परिषद के सदस्य और राजस्व विभाग प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने समिति का विरोध करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखा है। चौहान ने समिति गठन के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव pushyamitra bhargav mayor की ओर से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
