बिजली उपभोक्ताओं को अगले महीने से बिल में मिलेगी राहत
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में वसूला जा रहा 1.14 प्रतिशत, मध्यांचल में 0.73, पश्चिमांचल में 2.84 और पूर्वांचल में 1.03 सरचार्ज अब नहीं लगेगा। अलबत्ता 2.38 फीसदी द्वितीय रेग्युलेटरी सरचार्ज अभी प्रभावी रहेगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग जल्द ही प्रथम रेग्युलेटरी सरचार्ज खत्म करने का औपचारिक आदेश जारी करेगा।
बीते वर्षों में बिजली की लागत और राजस्व के अंतर की भरपाई के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को दो रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाने की अनुमति दी है।
वर्ष 2014-15 का रेग्युलेटरी चार्ज पहले 2.84 फीसदी तय किया गया था। आयोग ने बिजली कंपनियों की परफार्मेंस का आकलन करने के बाद पिछले साल अप्रैल में अलग-अलग कंपनी के लिए अलग-अलग सरचार्ज तय किया था।
2014-16 के सरचार्ज की वसूली मार्च 2016 तक की जानी थी, जबकि 2015-16 के 2.38 फीसदी सरचार्ज के लिए अभी कोई अवधि तय नहीं की गई है।
जल्द भेजे जाएंगे बिजली कंपनियों के निर्देश
पहले सरचार्ज की अवधि खत्म हो जाने के बाद सोमवार को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग के समक्ष प्रत्यावेदन दाखिल करके इसका औपचारिक आदेश जारी करने का अनुरोध किया है ताकि बिजली कंपनियां अगले माह से दो-दो सरचार्ज की वसूली न कर सकें।
इस सिलसिले में उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग अध्यक्ष देश दीपक वर्मा से मुलाकात कर तत्काल बिजली कंपनियों को निर्देश भेजने की मांग की।
वर्मा ने परिषद को आश्वस्त किया कि जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करके बिजली कंपनियों को निर्देश भेजे जाएंगे। उपभोक्ता परिषद का कहना है कि अब 2.38 फीसदी द्वितीय रेग्युलेटरी सरचार्ज को समाप्त करने का भी दबाव बनाया जाएगा।