उत्तर प्रदेश चुनाव: प्रियंका गांधी का 15 अगस्त से 'हर गांव कांग्रेस' अभियान, जड़ों की तलाश में गांवों तक पहुंचने की कोशिश
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विस्तार
मिशन उत्तर प्रदेश 2022 को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने राज्य के ग्रामीण मतदाताओं तक पहुंचने की विशेष योजना बनाई है। इसके अनुसार पार्टी उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त से 'हर गांव कांग्रेस' अभियान चलाएगी। इस अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 60 हजार ग्राम पंचायतों के हर गांव में एक 'कांग्रेस कमेटी’ का गठन किया जाएगा। यह कमेटी पार्टी की नीतियों को गांव के हर मतदाता तक पहुंचाने का काम करेगी। पार्टी को उम्मीद है कि इस रणनीति से उसकी ग्रामीण मतदाताओं के बीच पैठ बढ़ेगी और पार्टी को मजबूती मिलेगी। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होकर पांच सितंबर यानी 20 दिनों के लिए चलेगा।
योजना के अनुसार, पार्टी के महासचिव, सचिव, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पंचायत अध्यक्ष तक के सभी पदाधिकारियों को उनकी भूमिका के अनुसार हर गांव-गांव तक पहुंचकर हर गांव में एक प्रधान की नियुक्ति करेंगे। ये प्रधान गांव में किसानों, श्रमिकों, युवाओं और महिलाओं के सभी प्रमुख वर्गों में से कुछ सदस्यों को अपने साथ जोड़कर एक 20 सदस्यीय कमेटी का गठन करेंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों को अपने साथ कैसे जोड़ना है, इसके लिए 12 अगस्त को ग्राम पंचायत अध्यक्षों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
इस कमेटी का कार्य पार्टी की केंद्रीय स्तर पर बन रही योजनाओं-रणनीतियों को लक्षित वर्ग तक पहुंचाना और उसके बारे में जनता को जागरूक करना होगा। जैसे पार्टी किसानों के विषय में कोई अभियान चलाती है तो इस ग्रामीण कमेटी के माध्यम से गांव-गांव तक के किसानों तक पार्टी की सोच को पहुंचाकर पार्टी एक बड़ा समर्थक वर्ग तैयार किया जाएगा।
क्यों अपनाई यह रणनीति
दरअसल, वर्ष 2012, 2014, 2017 और 2019 के चुनावों के अनुभवों से पार्टी ने सीखा है कि उसके शीर्ष नेताओं के प्रति जनता में काफी आकर्षण है, लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं-समर्थकों की कमी के कारण जनता का यह आकर्षण वोट में तब्दील नहीं हो सका। लोग भारी संख्या में पार्टी के केंद्रीय नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सुनने के लिए आए, लेकिन इन्हीं समर्थकों को वोटों के रूप में नहीं बदला जा सका।
पार्टी की रणनीति है कि अगर हर गांव के स्तर पर उसके कार्यकर्ता होंगे तो वे मतदान के समय इन समर्थकों को वोटरों में तब्दील करने का काम करेंगे। इससे 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2024 के आम चुनाव में पार्टी का आधार बढ़ेगा।
प्रियंका की रणनीति का असर
इस अभियान को कांग्रेस को समाज के सबसे निचले स्तर पर मजबूत करने की प्रियंका गांधी की रणनीति का परिणाम बताया जा रहा है। वे इसके लिए लगातार गांव, ब्लॉक और जिला स्तर के पदाधिकारियों का प्रशिक्षण करवा रही हैं और इनके जरिए समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं जो किसी भी कारण से उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार या भाजपा से अपने आप को पीड़ित महसूस कर रहा है।
'जनता के दुख सुख में हमेशा खड़ी रही कांग्रेस'
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने अमर उजाला को बताया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने इस बात को बेहद नजदीक से देखा है कि जब उनके सामने संकट की घड़ी आई थी तब केवल कांग्रेस ही उनके साथ खड़ी थी। श्रमिकों को देश के दूसरे हिस्सों से उनके घर तक लाने की बात रही हो या उन्हें भोजन पहुंचाने की, उनके इलाज की व्यवस्था की बात रही हो या मरीजों को ऑक्सीजन-दवाइयां पहुंचाने की, हाथ में सत्ता न होने के बाद भी कांग्रेस इस लड़ाई में सबसे आगे खड़ी रही। हमने लोगों के साथ खड़े रहकर उन्हें अकेला न छोड़ने का काम किया है।
विश्वविजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के इन कामों का परिणाम यह हुआ है कि प्रदेश की जनता के बीच यह संदेश गया है कि पार्टी उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहने वाली है। हमारा प्रयास समाज के सभी लोगों को अपने साथ जोड़ना है और हम इसी सोच के साथ सबसे संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में सरकार को जमीनी सच्चाई का अहसास हो जाएगा।